मनरेगा बचाने को कांग्रेसियों का एक दिवसीय उपवास, गांव-गांव संघर्ष का ऐलान
Bulandsehar News - मनरेगा बचाने को कांग्रेसियों का एक दिवसीय उपवास, गांव-गांव संघर्ष का ऐलानमनरेगा बचाने को कांग्रेसियों का एक दिवसीय उपवास, गांव-गांव संघर्ष का ऐलानमनरे

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के देशव्यापी "मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान के तहत जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान के नेतृत्व में राजेबाबू पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय उपवास किया। उपवास के माध्यम से कांग्रेस ने मनरेगा को बचाने की लड़ाई गांव-गांव तक ले जाने और जनजागरण अभियान को तेज करने का संकल्प लिया। इस दौरान भाजपा और आरएसएस पर षड्यंत्रपूर्वक मनरेगा को कमजोर कर खत्म करने तथा गरीब-मजदूरों के अधिकारों पर हमला करने का आरोप लगाया गया। जिलाध्यक्ष जियाउर्रहमान ने कहा कि मनरेगा खैरात नहीं, बल्कि गरीबों और मजदूरों का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर कर धीरे-धीरे समाप्त करने की साजिश रच रही है।
मनरेगा से करोड़ों ग्रामीण परिवारों को आजीविका मिलती है और यह गांवों की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। कांग्रेस इस जनविरोधी नीति के खिलाफ लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी। अभियान की कॉर्डिनेटर प्रज्ञा गौड़, पूर्व जिलाध्यक्ष सुभाष गांधी सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा के तहत पंचायतों और ग्राम प्रधानों के अधिकार सीमित कर कानून को कमजोर किया गया है। कहा कि मनरेगा ने गांव के मजदूरों को सम्मानजनक जीवन और आर्थिक सशक्तिकरण दिया, जिसे कमजोर करने का प्रयास देश को कमजोर करेगा। कांग्रेस ने सरकार से मनरेगा का नाम न बदलने, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये करने, पंचायतों के अधिकार बहाल करने और काम की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष प्रशांत वाल्मीकि, नई मंसूरी, भजनलाल जाटव, साजिद, डॉ. इरफान, मनीष चतुर्वेदी, डॉ. एसडी शर्मा, देश दीपक, अनिल शर्मा, आशू कुरैशी आदि शामिल रहे। -----------
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