Hindi NewsUttar-pradesh NewsBulandsehar NewsBulandshahr Market Faces Traffic Jam and Basic Facility Issues

बोले बुलंदशहर: भूड़ चौराहा मार्केट का इतना बुरा हाल, जाम से जूझते हैं लोग

Bulandsehar News - बुलंदशहर का भूड़ चौराहा मार्केट अतिक्रमण, जलभराव और स्ट्रीट लाइट्स की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। यहां 500 से अधिक व्यापारी व्यापार कर रहे हैं, लेकिन स्थिति खराब है। जाम, महंगी पार्किंग और अन्य...

Newswrap हिन्दुस्तान, बुलंदशहरWed, 27 Aug 2025 01:15 AM
share Share
Follow Us on
बोले बुलंदशहर: भूड़ चौराहा मार्केट का इतना बुरा हाल, जाम से जूझते हैं लोग

बुलंदशहर। जिले का प्रसिद्ध भूड़ चौराहा। न सिर्फ एक प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, बल्कि यह हजारों लोगों की रोजी-रोटी और स्थानीय अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार भी है। लेकिन, इन दिनों यह मार्केट अतिक्रमण, स्ट्रीट लाइट्स की कमी, और बारिश में जलभराव समेत कई समस्याओं से जूझ रहा है। बुलंदशहर की इस ऐतिहासिक मार्केट में 500 से भी अधिक व्यापारी दशकों से अपने व्यवसाय चला रहे हैं। यह मार्केट अपने आप में बुलंदशहर के सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक जीवन की झलक प्रस्तुत करती है, लेकिन आज यह इलाका बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जिले की हृदयस्थली मानी जाने वाली यह भूड़ चौराहा मार्केट आज सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार होती जा रही है।

जहां यह बाजार कभी व्यापारिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र था, वहीं अब इसकी पहचान डग्गेमार वाहन की वजह से सड़क के दोनों ओर जाम की समस्या से अराजकता बनती जा रही है। जिसकी वजह से जाम की स्थिति हर वक्त बनी रहती है। जिससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित होता है, बल्कि ग्राहकों की आवाजाही भी बाधित होती है। पुलिस भी ऐसे डग्गेमार वाहन चालकों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई नही करती है। सड़क के सहारे खड़े यह डग्गेमार बाहन जाम का कारण बनते हैं। महंगी पार्किंग, ई-रिक्शा की अव्यवस्थित आवाजाही और अतिक्रमण ने बाजार की गतिशीलता को और बाधित कर दिया है। बैठने के स्थानों का अभाव और शौचालयों की कम संख्या ग्राहकों के लिए असुविधा पैदा करती है। इसके अलावा, भारत-पाक तनाव के चलते व्यापार पहले से ही प्रभावित था, अब बढ़ती गर्मी ने भी हालात बदतर कर दिए हैं। बुलंदशहर के कई व्यापारी ऐसे माल का व्यापार करते हैं, जो हापुड़ और मेरठ से आता है। बाजार में अतिक्रमण होने की बजह से यहां के दुकानदारों को भी काफी असुविधओं का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, बढ़ती गर्मी ने ग्राहकों को घर में ही रहने पर मजबूर कर दिया है। भीषण गर्मी में न तो ग्राहक मार्केट आना चाहते हैं और न ही दुकानदारों को ठीक से व्यापार करने में सुविधा मिलती है। व्यापारियों को प्रशिक्षण, नई मार्केटिंग रणनीति और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर व्यापार की सुविधा दी जानी चाहिए, ताकि ऐसे बाहरी प्रभावों से उनका व्यापार सुरक्षित रह सके। सीसीटीवी कैमरों की भी जरूरत- वर्तमान दौर में जब हर जगह डिजिटल निगरानी की आवश्यकता बढ़ रही है, इस क्षेत्र में संवेदनशील स्थान पर सीसीटीवी कैमरे बेहद जरूरी हो गए हैं। कैमरे ना सिर्फ आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाते हैं, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में भी मददगार होते हैं। नगर पालिका और पुलिस प्रशासन को मिलकर पूरे बाजार में एचडी क्वालिटी वाले कैमरे लगाने चाहिए। इसके अलावा, उनकी निगरानी के लिए एक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम भी स्थापित किया जाना चाहिए। सार्वजनिक शौचालय का भी अभाव इस जगह बाजार में ग्राहकों या व्यापारियों के लिए सार्वजनिक बैठने की सुविधा नहीं है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे थक जाने पर बैठ नहीं पाते। यह स्थिति ग्राहकों को असुविधाजनक लगती है और वे खरीदारी में जल्दबाजी करने लगते हैं। इसके अतिरिक्त, शौचालयों की संख्या अत्यंत कम है और जो मौजूद हैं उनकी सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। इससे महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी होती है। बाजार के विभिन्न हिस्सों में बैंच और विश्राम स्थल बनाए जाएं। ई-रिक्शा से लग रहा जाम- ई-रिक्शा ने एक ओर जहां आवाजाही को सुलभ बनाया है, वहीं दूसरी ओर यह अब ट्रैफिक जाम का बड़ा कारण बन गया है। ये वाहन बिना किसी नियम के बाजार में प्रवेश करते हैं और जहां-तहां खड़े रहते हैं। इससे मार्ग अवरुद्ध हो जाते हैं और पैदल चलना भी कठिन हो जाता है। नगर निगम को ई-रिक्शा के लिए तय मार्ग और स्टॉप निर्धारित करने चाहिए। साथ ही, इन चालकों को प्रशिक्षण और पहचान-पत्र देना भी जरूरी है। बरसात में जलभराव सालों पुरानी समस्या बरसात के मौसम में नेहरू मार्केट में जलभराव एक स्थायी समस्या बन चुकी है। इस क्षेत्र में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी सी भी वर्षा होने पर सड़कें पानी से लबालब भर जाती हैं। दुकानों के सामने और कभी-कभी दुकानों के भीतर तक पानी भर जाता है, जिससे व्यापार पूरी तरह ठप हो जाता है। ग्राहकों को पानी से होकर चलना पड़ता है, जिससे उनका आना-जाना प्रभावित होता है। इससे व्यापार में गिरावट आती है। नगर निगम को चाहिए कि वह मार्केट के जल निकासी तंत्र का व्यापक निरीक्षण कर उसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण करवाए। नालियों की समय-समय पर सफाई सुनिश्चित की जाए और बारिश से पहले विशेष सफाई अभियान चलाया जाए। महंगी पार्किंग ग्राहकों की जेब पर पड़ रही भारी- व्यापारियों की मानें तो इस मार्केट में पार्किंग की दरें महंगी हैं। ग्राहक थोड़ी देर के लिए भी भाग बाहन खडा करते हैं तो उन्हें 20 से 30 रुपये का या इससे अधिक देने पड़ते हैं। ख़ासतौर पर मध्य वर्ग और निम्न आय वर्ग के ग्राहकों के लिए असुविधाजनक है। कई ग्राहक महंगी पार्किंग दरों से बचने के लिए मार्केट आना ही बंद कर देते हैं या दूसरी जगहों का रुख़ कर लेते हैं। जिससे व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ता है। स्ट्रीट लाइट्स की भी कमी- इस मार्केट में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट्स न होने के कारण शाम होते ही बाज़ार का अधिकांश हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। इससे न केवल सुरक्षा संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती है बल्कि शाम के समय ग्राहकों की संख्या में काफ़ी कमी आ जाती है। महिला ग्राहकों को विशेष रूप से असुविधा का सामना करना पड़ता है। नगर पालिका को तुरंत संज्ञान लेकर सभी गलियों और मुख्य सड़कों पर एलईडी स्ट्रीट लाइट लगानी चाहिए। भूड़ चौराहा मार्केट जिले की पहचान- यह मार्केट बुलंदशहर जिले की पहचान है। लेकिन आज यह मार्केट अपनी पहचान खोती जा रही है। प्रशासनिक लापरवाही, बुनियादी ढांचे की कमी, और व्यापारियों की समस्याओं को नजरअंदाज करने की प्रवृत्ति ने इस मार्केट को संकट की ओर धकेल दिया है। यदि प्रशासन, नगरपालिका और आम जनता मिलकर ठोस क़दम उठाएं तो इस मार्केट को एक आधुनिक सुरक्षित और सुविधायुक्त व्यापारिक केन्द्र में बदला जा सकता है। जाम से लोग काफी परेशान- इस मार्केट के बीचोबीच बनी पुलिस चौकी एक प्रमुख ट्रैफिक अवरोधक बन चुकी है। चौकी के चारों ओर वाहनों की कतारे लग जाती हैं जिससे लगातार जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। एक ओर पुलिस की उपस्थिति से सुरक्षा का भरोसा मिलता है, वहीं दूसरी ओर उसका स्थान गलत होने के कारण भारी अव्यवस्था फैलती है। पुलिस चौकी को मार्केट के किनारे या मुख्य सड़क के पास ऐसे स्थान पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए, जहां से सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे लेकिन ट्रैफिक प्रभावित न हो। बाजार में ठेले और स्टॉल लगाकर अतिक्रमण- बाजार की गलियों में बड़ी संख्या में फुटपाथी दुकानदारों ने अपने ठेले और स्टॉल लगाकर अतिक्रमण कर लिया है। इससे चलने-फिरने की जगह नहीं बचती और ग्राहकों को भारी परेशानी होती है। विशेषकर त्योहारों या भीड़भाड़ वाले दिनों में अतिक्रमण के कारण पैदल चलना भी कठिन हो जाता है। नगर पालिका को चाहिए कि वह सभी अतिक्रमण हटाए और इन दुकानदारों के लिए वैकल्पिक स्थान प्रदान करें। शिकायत- 1. चौराहे पर सड़क के दोनों तरफ पटरी पर डग्गेमार वाहनों ने अतिक्रमण कर रखा है। 2. सड़क की पटरियों पर वाहनों के आड़े तिरछे खड़े होने से अक्सर लगता रहता है जाम। 3. बस स्टेशन के निकट होने के कारण डग्गेमार बसों के खड़े रहने से आवागमन बाधित होता है। 4. अस्थाई व स्थाई अतिक्रमण को हटाने के लिए नहीं चल पा रहा प्रभावी अभियान। 5. यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर पुलिस भी नहीं करती कोई प्रभावी कार्रवाई। सुझाव- 1. जाम की समस्या दूर करने के लिए समय समय पर अतिक्रमणरोधी अभियान चले। 2. पटरियों पर आड़ा तिरछा वाहन खड़ा करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। 3. जाम की समस्या दूर करने के लिए बसों को परिसर में ही खड़ा किया जाए। 4. जाम की समस्या दूर करने के लिए यातायात पुलिस व जिम्मेदारों को प्रभावी कदम उठाने होंगे। 5. सड़क पर वाहन खड़ा कर सवारी बिठाने व उतारने की प्रथा पर रोक लगाई जाए। इनकी भी सुनो- जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। खासकर सुबह व शाम के समय जाम लगने से खासी परेशानी होती है। इसके लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करनी होगी। -कुलदीप शर्मा इस चौराहे पर सड़क किनारे पटरी पर आड़े तिरछे खड़े वाहन के चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। ऐसे वाहन चालकों पर कार्रवाई पुलिस को करनी चाहिए। जिससे समस्या खत्म हो। -गिरधारी लाल शर्मा सभी की जिम्मेदारी है यातायात व्यवस्था चलाने में सहयोग करें। कई बार लोग चार पहिया सड़क पर खड़ा कर सामान लेने लगते हैं, जिससे हादसे की संभावना रहती है। -यश शर्मा चेकिंग अभियान तो चलता है. लेकिन प्रभावी कार्रवाई न होने से लोगों का मनोबल बढ़ा रहता है। तमाम चालक नियमों की अनदेखी करते है। -लाला मार्केट में सीसीटीवी कैमरे की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि ग्राहकों और व्यापारियों की सुरक्षा और मजबूत हो। -महेश अतिक्रमण से बाजार की गंलियां इतनी संकरी हो गई हैं कि पैदल चलना भी मुश्किल होता जा रहा है। इस पर ध्यान देना चाहिए। -हुकम सिंह गर्मी में ग्राहक बहुत कम आते हैं क्योंकि न छाया है न सुविधा। इस मार्केट को सुविधाओं की जरूरत है। -पकंज सिंह व्यापारी सालों से यहां व्यापार कर रहे हैं। लेकिन समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। इससे छुटकारा मिलना चाहिए। ताकि व्यापार बेहतर हो सके। -अंशु हम प्रयास कर रहे हैं कि मार्केट में व्यापारियों को किसी भी प्रकार को कोई असुविधा न हो। समय-समय पर प्रशासनिक अधिकारियों को इससे अवगत करा रहे हैं। -बोनी ई-रिक्शा की बजह से भी चौराहे पर जाम की समस्या बनी रहती है। जिन पर पुलिस भी रोक नही लगा रही है। इसके हादसे भी बढते जा रहे है। पुलिस को अवैध ई-रिक्शा चालाकों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। -इन्द्रपाल चड्डा कोट--- भूड़ चौराहे पर जाम की समस्या गंभीर है। इसको लेकर नगर पालिका व पुलिस के अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराया जाएगा। जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा। --प्रदीप चौधरी, विधायक सदर

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।