तप से जाने जाते हैं ब्राह्मण : शिव प्रताप शुक्ल
Bulandsehar News - खुर्जा में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा द्वारा ब्रह्म एकता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने तप और मेहनत के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में...
खुर्जा। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में वैद्य यज्ञदत्त महाविद्यालय धरपा के परिसर में ब्रह्म एकता दिवस कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि रहे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ल ने कहा कि ब्राह्मण तप के नाम से जाने जाते हैं। यदि तपोगे नहीं तो ब्राह्मण कैसे बनोगे। उन्होंने यह बात अपने-अपने कार्य क्षेत्र में परिश्रम करने के लिए कही। उन्होंने सभी से एकजुट रहने की आह्वान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल दत्त शर्मा, गौतमबुद्ध नगर सांसद महेश शर्मा सहित अन्य ने संयुक्त रूप से सरस्वती मां की मूर्ति और परशुराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने लोगों को अपने-अपने कार्य के प्रति मेहनत करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा बताए गए मार्ग का अनुसरण करने की बात कही। इक्कीसवीं सदी चल रही है। देश का तेजी से विकास हो रहा है। अब भारत इस स्थिति में है कि रूस के राष्ट्रपति भी कहते हैं कि युक्रेन और रूस के युद्ध को भारत ही रुकवा सकता है। ब्राह्मणों ने हमेशा शिक्षा दी है। श्रीराम और कृष्ण को शिक्षा देने वाले ब्राह्मण ही थे। इसलिए ब्राह्मणों को खुद पर गर्व करना चाहिए।
ब्राह्मणों ने राज सत्ता को अपने हाथों में नहीं लिया है। यदि लिया होता तो चंद्रगुप्त को चाणक्य राजा नहीं बनने देता। उन्होंने लोगों से राष्ट्र के लिए कार्य करने, राष्ट्रवादी बनने और राष्ट्र के प्रति कार्य करने वाले का साथ देने की अपील की। साथ ही सभी ब्राह्मणों से एकजुट रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने की। मंच का संचालन महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री हरिओम शर्मा ने किया।
ये रहे मौजूद
विशिष्ट अतिथि गौतमबुद्ध नगर के सांसद डा. महेश शर्मा, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, हिमाचल प्रदेश के रेणुका की पीठ के महामंडलेश्वर दयानंद भारती, यूपी बार काउंसिल अध्यक्ष शिव किशोर गौड़, विधायक अनूपशहर संजय शर्मा, एमएलसी श्रीचंद शर्मा, पीताम्बर शर्मा, महासभा के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष सतीश शर्मा, देवदत्त शर्मा, आचार्य बिशन कौशिक आदि मौजूद रहे।
विप्र कल्याण बोर्ड की मांग
राजस्थान के पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र ने बताया कि राज्यपाल होने के दिनों में उनके पास विप्र कल्याण बोर्ड बनवाने के लिए ब्राह्मण समाज की ओर से प्रस्ताव आया था। उन्होंने बोर्ड के लिए प्रयास किया। इसके फलस्वरूप अब राजस्थान में विप्र कल्याण बोर्ड बन गया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में भी विप्र कल्याण बोर्ड की मांग पर प्रयास करने की बात कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग भारत का संविधान बदलने की बात कहते हैं, लेकिन भारत का संविधान कोई नहीं बदल सकता है।
ब्राह्मण व्यापार की ओर हो रहे अग्रसर
एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने कहा कि अब ब्राह्मण प्रत्येक क्षेत्र में अग्रसर हो रहे हैं। पहले के दिनों में ब्राह्मण सिफ नौकरी करने की सोचता था। अब ब्राह्मण पढ़ लिखकर व्यापार कर रहे हैं।
एक रहे तो देख लेंगे, बटेंगे तो कटेंगे : नूपुर शर्मा
ब्रह्म एकता दिवस कार्यक्रम में पहुंचीं नूपुर शर्मा ने अपने संबोधन में बहराइच में रामगोपाल की हत्या पर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि पहले देश जरूरी है इसके लिए एकजुट होना आवश्यक है। एक रहे तो देख लेंगे, बटेंगे तो कटेंगे।
शस्त्र और शास्त्र का संगम हैं भगवान परशुराम
गौतमबुद्ध नगर के सांसद डा. महेश शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम शस्त्र और शास्त्र का संगम हैं। प्रत्येक ब्राह्मण को शस्त्र का ज्ञान अवश्य होना चाहिए।
ब्राह्मणों ने किया देश का नाम रोशन
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल दत्त शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों ने प्रत्येक क्षेत्र में नाम रोशन किया है। अब तक नौ लोगों को नोवल पुरस्कार मिल चुके हैं। जिसमें से छह ब्राह्मणों को मिल हैं। 48 में से 23 भारत रत्न ब्राह्मणों को मिल हैं। इसी प्रकार खेल सहित अन्य क्षेत्रों में भी ब्राह्मणों ने देश का नाम रोशन किया है।
चार मेडिकल छात्रों को किया सम्मानित
स्वास्थ्य के रिसर्च क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन करने पर वैद्य यज्ञदत्त महाविद्यालय के अक्षत मिश्रा, सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी, प्राची और प्रज्ञा यादव को सीसीआरएस की ओर से पुरस्कृत किया गया था। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सम्मानित किया। 50-50 हजार रुपये के चेक और प्रशस्ति पत्र दिए।
डिबाई विधायक के खिलाफ हुई नारेबाजी
कार्यक्रम के समापन के दौरान कुछ ब्राह्मण नाराजगी जाहिर करते हुए मंच के पास पहुंच गए। उन्होंने कहा कि डिबाई विधायक सीपी सिंह ने ब्राह्मणों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। उनके खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मंच से डिबाई विधायक के खिलाफ कुछ नहीं बोला गया है। जिसके बाद कुछ लोगों ने डिबाई विधायक के खिलाफ नारेबाजी कर दी।
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