दीपावली से पहले ही हवा की बिगड़ने लगी सेहत, एक्यूआई 196
Bulandsehar News - दीपावली से पहले हवा की गुणवत्ता खराब हो रही है, जिससे शहर और गांवों में सांस, दमा और फेफड़ों के मरीजों को परेशानी हो रही है। निर्माण कार्य, धूल और केमिकल की मौजूदगी से स्थिति बिगड़ रही है। केंद्रीय...

दीपावली से पहले ही हवा जहरीली होती जा रही है। शहर से लेकर देहात क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता खराब होने लगी है। यह सुबह और रात को अधिक प्रभावी है। शहर में शिकारपुर रोड पर सड़क निर्माण होने के कारण अधिक धूल उड़ रही है। हवा में धूल के कणों और केमिकल की मौजूदगी से लोगों को दिक्कतें होने लगी हैं। अब दीपावली से पहले होने वाली साफ-सफाई जोरों पर है। सफाई के दौरान सबसे ज्यादा धूल निकल रही है। इसके कण हवा में घुल रहे हैं। निर्माण कार्यों के साथ दीवारों पर चूना, पेंट, डिस्टेंवर आदि की घिसाई के बाद निकलने वाला केमिकल भी हवा में शामिल हो रहा है। बाजारों में आवाजाही बढ़ने से वाहनों से निकलने वाला कार्बन मोनो आक्साइड भी बढ़ रहा है। साथ में नाइट्रोजन, सल्फर में भी मामूली इजाफा हुआ है। इनसे 2.5 माइक्रोग्राम पर मीटर क्यूब आकार के सूक्ष्म और पीएम-10 (धूल) कणों की मौजूदगी में बढ़ोत्तरी हो रही है। हालांकि केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स अभी 196 पर है। यह मोडरेट स्तर में है, लेकिन अभी स्थिति और बिगड़ सकती है।
- सांस-दमा के मरीजों को परेशानी
प्रदूषण के इस स्तर पर सांस, दमा, फेंफड़ों के मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी होती है। इन मरीजों को सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। इसलिए इन बीमारियों के मरीजों के बिना मास्क रहने पर परेशानी बढ़ सकती है।
यह हैं प्रदूषण के मानक-----
(0-50 गुड)- यह न्यूनतम स्तर है। बहुत कम दुष्प्रभाव होता है।
(51-100 सेटिस्फैक्टरी)- संवेदनशील लोगों को सांस लेने में दिक्कत।
(101- 200 माडरेट)- सांस, दमा, फेंफड़ों के मरीजों को परेशानी होना।
(201-300 पुअर)- लंबे समय तक ऐसे में रहने से सांस में परेशानी।
(301-400 वैरी पुअर)- सभी को सांस लेने में दिक्कत, सांस फूलना।
(401-500 सीवियर)- स्वस्थ लोगों को सांस लेने में दिक्कतें होना।
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