108 एंबुलेंस फिर बनी जीवनदायिनी, रास्ते में सुरक्षित प्रसव
Bulandsehar News - 108 एंबुलेंस सेवा ने एक बार फिर जीवन बचाने का काम किया। मोनू की पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा हुई, और एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। एंबुलेंस स्टाफ और आशा कार्यकर्ता की तत्परता से काजल ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। जच्चा-बच्चा को स्वास्थ्य जांच के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

108 एंबुलेंस सेवा ने एक बार फिर जीवन बचाने का उदाहरण पेश किया। पैरामेडिकल स्टाफ की सूझबूझ और तत्परता से एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। प्रसव के बाद एंबुलेंस में नवजात बेटे की किलकारी गूंजी। जिला प्रोग्राम मैनेजर सर्वोत्तम यादव गांव सीकरी निवासी मोनू की पत्नी काजल को रात के समय अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। स्थिति गंभीर होने पर मोनू ने आशा कार्यकर्ता नेमवती को सूचना दी। आशा ने तत्काल 108 कंट्रोल रूम को कॉल किया। इमरजेंसी को देखते हुए ईआरसी सेंटर से रात 3:19 बजे नजदीकी एंबुलेंस को केस भेजा गया। महज 13 मिनट में 3:32 बजे एंबुलेंस मरीज के घर पहुंच गई।
काजल को एंबुलेंस में शिफ्ट कर महिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में प्रसव पीड़ा अत्यधिक बढ़ गई। स्थिति को देखते हुए ईएमटी राजेश यादव ने तुरंत कंट्रोल रूम की डॉक्टर टीम से संपर्क किया। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज को अस्पताल तक ले जाना संभव नहीं है। इसके बाद एंबुलेंस पायलट नीरेश ने नजदीकी ढाबा के पास रोशनी में एंबुलेंस को सुरक्षित खड़ा किया। ईएमटी राजेश यादव ने आशा नेमबती की मदद से एंबुलेंस में ही सुरक्षित प्रसव कराया। कुछ ही देर में काजल ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। पति मोनू सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने एंबुलेंस कर्मियों और आशा कार्यकर्ता की जमकर सराहना की। इसके बाद जच्चा-बच्चा को बेहतर स्वास्थ्य जांच के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को पूरी तरह स्वस्थ बताया।

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