कावड़ यात्रा मार्ग पर विश्राम स्थल बनाएं और 24 घंटे पानी उपलब्ध हो, अफसरों को योगी सरकार के निर्देश
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कावड़ यात्रा को लेकर अधिकारियों को जरूरी तैयारियों के निर्देश दिए हैं। कावड़ यात्रा मार्ग पर विश्राम स्थल बनाए जाएं और 24 घंटे पानी उपलब्ध हो।

योगी सरकार ने श्रावण माह में आयोजित होने वाले कावड़ यात्रा, सावन मेला और अन्य त्योहारों के लिए अधिकारियों को जरूरी तैयारियों के निर्देश दिए हैं। कावड़ मार्गों पर यात्रियों के लिए जनसहयोग से विश्राम स्थल बनाए जाएंगे और 24 घंटे पानी की व्यवस्था की जाएगी। कावड़ मार्गों की सफाई के साथ ही मोबाइल शौचालय की व्यवस्था होगी।
प्रमुख सचिव नगर विकास पी. गुरुप्रसाद ने इस संबंध में शासनादेश जारी करते हुए जिलाधिकारियों और निकाय अधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। निकाय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि रोजाना नियमित रूप से प्रात: पांच से आठ बजे तक सफाई कराई जाएगी। निकायों में स्थित शिवालयों व कावड़ मार्गों पर विशेष रूप से सफाई कराई जाएगी। जलभराव वाले स्थानों को चिह्नित करते हुए वहां से पानी निकाला जाएगा और एंटीलार्वा के साथ फागिंग कराई जाएगी।
मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की जाएगी
कावड़ यात्रा को ध्यान में रखते हुए शिविरों स्थलों पर महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग जनसुविधाएं दी जाएंगी। मोबाइल शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। इसकी दिन में दो बार सफाई कराई जाएगी। जरूरत के आधार पर शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाएगी। कावड़ मार्गों पर स्ट्रीट लाइट की बेहतर व्यवस्था की जाएगी। अभियान चलाकर कावड़ मार्गों, फुटपाथ और पार्किंग स्थल से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। डीजे शासन के निर्धारित मानकों पर बजाने की अनुमति दी जाएगी। कावड़ मार्गों के पास जरूरत के अनुसार जनसहयोग के माध्यम से रात्रि विश्राम के लिए व्यवस्था की जाएगी।
कावड़ मार्गों की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम से
कावड़ मार्गों की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल रूम से की जाएगी। खराब सड़कों को अभियान चलाकर ठीक कराया जाएगा। खुले मेनहोल, चैंबर या अन्य गतिरोध को तत्काल चिह्नित करते हुए ठीक कराया जाएगा। तत्काल मरम्मत न हो पाने की स्थिति में बेरिकेडिंग कराते हुए वहां चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। जरूरत के आधार पर प्रमुख मंदिरों के आसपास पर्याप्त संख्या में डस्टबिन रखाए जाएंगे, जिससे कूड़ा इधर-उधर न फैलने पाए।
बाबा विश्वनाथ के दरबार में भक्तों पर पुष्पवर्षा
वहीं सावन में अभिषेक कर देवाधिदेव महादेव की कृपा पाने के लिए शिवभक्तों का समूह काशी पहुंचने लगा है। इसी के साथ हरियाली के पूजित सावन में केसरिया असर घुलने की शुरुआत हो गई। श्रावण प्रतिपदा पर गुरुवार को स्थानीय शिव मंदिरों में भी चहल-पहल बढ़ गई। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में धाम के द्वार से गंगा के घाटों तक केसरिया रंग अपनी मौजूदगी बढ़ाता दिखा।चितरंजन पार्क में बने विश्राम स्थल से दशाश्वमेध घाट के बीच यह बदलाव साफ-साफ महसूस हो रहा था। स्टैंड पर कतार में रखे कांवर गवाही दे रहे थे कि उन्हें कंधों पर उठाने वाले भी यहीं कहीं आसपास हैं। गंगा का जलस्तर बढ़ा होने के कारण घाट किनारे विशेष सतर्कता नजर आई। चाकचौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रावण प्रतिपदा पर हजारों भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। विश्वनाथ मंदिर प्रांगण में भगवान विश्वनाथ, भगवान दंडपाणि एवं उनके मध्य स्थित भगवान बैकुण्ठेश्वर के शिखरों का पूजन किया गया। इनके सम्मुख कतारबद्ध खड़े श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा की गई। मुख्य गर्भगृह से मंदिर प्रांगण में ही विराजमान भगवान बद्रीनारायण मंदिर तक मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुजनों पर पुष्प वर्षा की गई। तीन पुष्प थाल माता अन्नपूर्णा को अर्पित किए गए। मां अन्नपूर्णा को अर्पित पुष्प अक्षत के साथ प्रसाद स्वरूप भक्तों में बांटे गए। पहले दिन हजारों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। काशी के अन्य शिवालयों में भी विविध धार्मिक अनुष्ठा आरंभ हो गए हैं।


