
यूपी के इस जिले में बीएसए का दफ्तर होगा कुर्क, 41 साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला
बेसिक शिक्षा विभाग के शासकीय अधिवक्ता के अनुसार सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय, दौलतपुर के तीन कर्मचारियों सच्चिदानंद , सौदागर यादव और राजनारायण राय के अवशेष वेतन भुगतान के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 26 नवंबर 1984 को 12 लाख 39 हजार 342 रुपए 55 पैसे के भुगतान का आदेश किया था।
यूपी के बलिया में एक सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय के तीन कर्मचारियों के बकाया भुगतान के 41 साल पुराने मामले में न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं होने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय को कुर्क करने का आदेश शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर चस्पा किया गया। अतिरिक्त सिविल जज सीनियर डिविजन संजय कुमार गोड़ के न्यायालय के तीन नवम्बर को पारित आदेश का अनुपालन करते हुए कोर्ट के अमीन सुधीर सिंह ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर आदेश चस्पा किया। बेसिक शिक्षा विभाग के शासकीय अधिवक्ता विनय कुमार सिंह के अनुसार सरकारी सहायता प्राप्त प्राथमिक विद्यालय, दौलतपुर के तीन कर्मचारियों सच्चिदानंद , सौदागर यादव और राजनारायण राय के अवशेष वेतन भुगतान के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 26 नवंबर 1984 को 12 लाख 39 हजार 342 रुपए 55 पैसे के भुगतान का आदेश किया था।

सर्वोच्च न्यायालय के उस आदेश के अनुपालन में भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारियों की ओर से अतिरिक्त दीवानी न्यायाधीश (सीनियर डिविजन) की कोर्ट में पारित डिक्री के कार्यान्वयन के लिए निष्पादन वाद दाखिल किया गया था। कोर्ट ने एक अक्टूबर 2005 को इस राशि को कुर्क करने का आदेश दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कार्यवाही के दौरान दिसम्बर 2024 में कोर्ट ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के बैंक खाते से लेनदेन पर भी रोक लगा दी थी। पिछले तीन नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि अक्टूबर 2005 के आदेश के अनुपालन में अभी तक कोई राशि कुर्क नहीं गई है। कोर्ट ने इसे अत्यंत आपत्तिजनक बताया।
अदालत ने अमीन को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया। इसके साथ आदेश की एक प्रति पुलिस अधीक्षक को भी भेजी। मामले की अगली सुनवाई सात नवंबर को होनी है। उधर, विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुर्की आदेश पर रोक लगाने के लिए विभाग पुनरीक्षण याचिका दायर करेगा। फिलहाल शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पर कुर्की नोटिस चस्पा कर दिया गया है। इस कार्यवाही की काफी चर्चा हो रही है।





