यूपी में सस्ती होंगी ईटें, 30 से 40 हजार लोगों को रोजगार भी मिलेगा; योगी सरकार का नया फैसला

Ajay Singh विशेष संवाददाता, लखनऊ
share

नई अधिसूचना के अंतर्गत यह दूरी घटाकर 800 मीटर कर दी गई है। इससे नए भट्ठों की स्थापना का दायरा बढ़ेगा। संशोधित नियमावली 2026 में एक से दूसरे भट्ठे की न्यूनतम दूरी 800 मीटर से बढ़ाकर एक किमी कर दी गई है। राज्य सरकार ने यह संशोधन केंद्र द्वारा वर्ष 2022 में लागू ईंट भट्ठा संबंधी नियमों के तहत किया है।

यूपी में सस्ती होंगी ईटें, 30 से 40 हजार लोगों को रोजगार भी मिलेगा; योगी सरकार का नया फैसला

UP News: उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण में बड़े पैमाने पर काम आने वाली लाल ईंटें सस्ती हो सकती हैं। योगी सरकार के एक नए फैसले से ऐसाी संभावना बन रही है। इस फैसले के अनुसार अब आबादी से एक किलोमीटर नहीं बल्कि 800 मीटर की दूरी पर भी नए ईंट भट्ठे खोले जा सकेंगे। योगी सरकार के इस फैसले से जहां भवन निर्माण के लिए लाल ईंट की उपलब्धता बढ़ेगी, वहीं कीमतों में भी कमी आएगी। करीब 30 से 40 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री डा. अरुण कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को बातचीत में यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद से तीन फरवरी को अनुमोदन मिलने के बाद पर्यावरण विभाग ने उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा (स्थापना हेतु स्थल मापदंड) (प्रथम संशोधन) नियमावली, 2026 अधिसूचित कर दी है। वर्ष 2012 से लागू नियमावली में पहली बार भट्ठों की स्थापना के लिए स्थल मानक तय किए गए थे। तब आबादी वाले क्षेत्र से एक किलोमीटर के भीतर भट्ठा स्थापित करने पर रोक थी।

Voice of UP

अब नई अधिसूचना के तहत यह दूरी घटाकर 800 मीटर कर दी गई है, जिससे नए भट्ठों की स्थापना का दायरा बढ़ेगा। संशोधित नियमावली 2026 में एक से दूसरे भट्ठे की न्यूनतम दूरी 800 मीटर से बढ़ाकर एक किलोमीटर कर दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने यह संशोधन भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में लागू ईंट भट्ठा संबंधी नियमों के तहत किया है। केंद्र के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार स्थल मानकों को और कठोर कर सकती है, लेकिन उदार नहीं।

4000 भट्ठों को मिली राहत

डा सक्सेना ने कहा कि सबसे बड़ी राहत करीब 4000 ऐसे भट्ठों को मिली है जो वर्ष 2012 की नियमावली लागू होने से पहले स्थापित थे। मगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति न लेने के कारण वैध नहीं माने जा रहे थे। संशोधित नियमावली के तहत यदि कोई भट्ठा 2012 से पूर्व स्थापित है और उसने सहमति के लिए आवेदन किया हो या खनन विभाग, जिला पंचायत, वाणिज्य कर विभाग अथवा अन्य सक्षम प्राधिकारी से लाइसेंस, अनुमति, पंजीकरण प्रमाणपत्र या रॉयल्टी चालान प्राप्त किया हो, तो उसे वैध माना जाएगा। इस मौके पर विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष आरपी सिंह, सदस्य सचिव संजीव कुमार सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।

Ajay Singh

लेखक के बारे में

Ajay Singh

अजय कुमार सिंह पिछले आठ वर्षों से लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पूर्वांचल के बड़े हिस्से से खबरों का कोआर्डिनेशन देख रहे हैं। वह हिन्दुस्तान ग्रुप से 2010 से जुड़े हैं। पत्रकारिता में 27 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाले अजय ने टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। हिन्दुस्तान से पहले वह ईटीवी, इंडिया न्यूज और दैनिक जागरण के लिए अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। अजय राजनीति, क्राइम, सेहत, शिक्षा और पर्यावरण से जुड़ी खबरों को गहराई से कवर करते हैं। बैचलर ऑफ जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट अजय फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान में असिस्टेंट एडिटर हैं और उत्तर प्रदेश की राजनीति और क्राइम की खबरों पर विशेष फोकस रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।