तांत्रिक ने किया दोबारा जिंदा करने का दावा, कब्र से निकाला मासूम का शव! फिर..?
दोबारा जिंदा करने के लिए तांत्रिक के कहने पर कब्र से मासूम का शव निकाला। काफी देर तक बच्चे के जिंदा होने की उम्मीद में परिजन इंतजार करते रहे लेकिन तांत्रिक का दावा पूरी तरह विफल रहा।

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में क्षेत्र के पांच वर्षीय बच्चे की मौत के बाद उसे कब्र से निकालकर तंत्र मंत्र और जड़ी बूटी के जरिए दोबारा जिंदा करने के प्रयास का मामला प्रकाश में आया है। अंतिम संस्कार के बाद एक कथित तांत्रिक के कहने पर बच्चे के शव को मिट्टी खोदकर बाहर निकाला गया। काफी देर तक बच्चे के जिंदा होने की उम्मीद में परिजन इंतजार करते रहे लेकिन तांत्रिक का दावा पूरी तरह विफल रहा। इसके बाद शव को दफना दिया गया।
अगयामाफी गांव निवासी जय प्रकाश का पांच वर्षीय पुत्र सत्यम 14 अगस्त को कुछ अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छपिया लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान ही बच्चे की मौत हो गई। उसी शाम मखौड़ा धाम में बच्चे का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इसके बाद खलीलाबाद से आए एक तांत्रिक ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि तंत्र-मंत्र और जड़ी-बूटियों के माध्यम से मृत बच्चे को फिर से जीवित किया जा सकता है। अंतिम संस्कार के बाद शव को मिट्टी से बाहर निकाला गया। तांत्रिक द्वारा दी गई जड़ी-बूटी की दवा बच्चे को पिलाने का प्रयास किया गया। परिजन काफी देर तक उसके शरीर में किसी तरह की हलचल होने और उसके जीवित होने की आस लगाए बैठे रहे। हालांकि काफी समय बीत जाने के बाद भी बच्चे में जीवन के कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए। इसके बाद शव को दफना दिया गया।
एसओ बोले - शव बाहर निकालने की कोई जानकारी नहीं
सीएचसी छपिया के अधीक्षक डॉ. अमित कुमार ने बताया कि सत्यम को बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों ने तत्काल इजाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। एसओ प्रबोध कुमार ने बताया कि इस संबंध में थाने पर फिलहाल कोई सूचना नहीं दी गई है। उन्हें शव बाहर निकालने की कोई जानकारी नहीं है।


