

आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब चेन्नई से नई दिल्ली जा रही तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से लावारिस हालत में मिले ट्रॉली बैग के अंदर से एक अज्ञात पुरुष के शव के टुकड़े (अंग) बरामद हुए। सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए और जांच शुरू कर दी। पुलिस की टीमें बैग को ट्रेन में रखने वाली जगह की सबसे पहले तलाश में जुटी है। ऐसे में रास्ते के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी हो रही है। आगरा से चेन्नई तक जांच की तैयारी है। बैग से बदबू आने के बाद यात्रियों की सूचना पर पुलिस कोच में पहुंची थी। शव की हालत से ऐसा लग रहा है कि उसे चेन्नई से ही रखा गया था।
पुलिस उपाधीक्षक जीआरपी राजेश दीक्षित ने बताया कि बुधवार सुबह जब तमिलनाडु एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन पर रुकी तो यात्रियों और रेलवे स्टाफ को जनरल कोच में रखे एक लावारिस बैग से बदबू आने की जानकारी मिली। मौके पर पहुंची जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने जब बैग को खोला तो उनके होश उड़ गए।
बैग के अंदर एक पुरुष के शव के कटे हुए अंग भरे हुए थे। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस को संदेह है कि यह बैग चेन्नई स्टेशन पर ही ट्रेन में रखा गया होगा। जांच दल इस दिशा में साक्ष्य जुटाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना को कहीं और अंजाम देने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से बैग को ट्रेन में छोड़ा गया है।
पुलिस मृतक की शिनाख्त करने के प्रयासों में जुटी हुई है। इसके लिए हाल ही में दर्ज हुई गुमशुदगी की रिपोर्टों का मिलान किया जा रहा है। जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीमें ट्रेन के मार्ग में आने वाले प्रमुख स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं, ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
जीआरपी और आरपीएश की पुलिस टीम ने बरामद अवशेषों को फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मृत्यु के कारणों और समय का सटीक पता लगाया जा सके। इस घटना के बाद आगरा कैंट और आसपास के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और यात्रियों के सामान की चेकिंग में सतर्कता बरती जा रही है।
योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।