यूपी में खूनी संघर्ष: मस्जिद में नई परंपरा को लेकर भिड़े देवबंदी और बरेलवी, फोर्स तैनात
मरोहा में सोमवार की सुबह मस्जिद में 'नई परंपरा' शुरू करने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। देवबंदी और बरेलवी मसलक के लोगों के बीच देखते ही देखते पथराव और मारपीट शुरू हो गई, जिसमें धारदार हथियार चले और तमंचे लहराए।

यूपी के अमरोहा में सोमवार की सुबह मस्जिद में 'नई परंपरा' शुरू करने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। देवबंदी और बरेलवी मसलक के लोगों के बीच देखते ही देखते पथराव और मारपीट शुरू हो गई, जिसमें धारदार हथियार चले और तमंचे लहराए। हिंसा में कई लोग लहूलुहान हुए हैं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी व भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मंगलवार को चार सगे भाइयों समेत 10 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले का केस दर्ज किया है।
तेलीपुरा माफी गांव में दोनों मसलक के लोगों की मिश्रित आबादी है। 15 साल पहले भी मस्जिद को लेकर उपजा विवाद एक लिखित समझौते के बाद शांत हुआ था, जिसमें तय हुआ था कि मस्जिद में कोई नई परंपरा शुरू नहीं होगी। सोमवार फज्र की नमाज के बाद देवबंदी मसलक से ताल्लुक रखने वाले गांव निवासी जुबैर अहमद ने जब दूसरे पक्ष द्वारा नई रवायत शुरू करने का विरोध किया, तो विवाद भड़क गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और तमंचों से लैस होकर हमला बोल दिया। शोर सुनकर जुबैर का परिवार मौके पर पहुंचा तो उन पर भी पथराव कर दिया गया। हमले में जुबैर और उनके परिजन गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही हमलावर गांव छोड़कर भाग निकले।
इन पर दर्ज हुआ मुकदमा
सीओ अवधभान भदौरिया ने बताया कि तहरीर के आधार पर तसद्दुक उर्फ इमरान, सिकंदर, अल्ताफ, इलियास (चारों सगे भाई), साजिद, शाहिद, फिरोज, अजनबी, नूर और अलाउद्दीन के खिलाफ जानलेवा हमले व अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में पिछले आठ सालों से काम कर रहे हैं। वह लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। कानपुर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है। पत्रकारिता में 13 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश की डिजिटल मीडिया और प्रिंट जर्नलिज्म में अलग पहचान है। इससे पहले लंबे समय तक प्रिंट में डेस्क पर भी काम किया है। कुछ सालों तक ब्यूरो में भी रहे हैं। यूपी और राजस्थान के सीकर जिले में भी पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ सोशल, क्राइम की खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाते हैं। वायरल वीडियो की फैक्ट चेकिंग में दिनेश को महारत हासिल है।
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