
वाराणसी में बार रेस्टोरेंट नीचे युवक का मिला लहूलुहान शव, मैनेजर और बाउंसरों पर हत्या का आरोप
वाराणसी में माई टेबल बार ऐंड रेस्टोरेंट के नीचे 30 वर्षीय ट्रांसपोर्टर का लहूलुहान शव मिला। भाई ने बार के मैनेजर एवं बाउंसरों पर हत्या, लूटपाट का आरोप लगाया है। सिगरा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धारा में केस दर्ज करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
यूपी के वाराणसी के मलदहिया के विनायक प्लाजा की पांचवीं मंजिल स्थित माई टेबल बार ऐंड रेस्टोरेंट के नीचे शनिवार रात एक बजे 30 वर्षीय ट्रांसपोर्टर सूरज सिंह का लहूलुहान शव मिला। भाई ने बार के मैनेजर एवं बाउंसरों पर हत्या, लूटपाट का आरोप लगाया है। सिगरा पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या समेत अन्य धारा में केस दर्ज करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मूल रूप से मधेपुरा (बिहार) के ग्वालपाड़ा थाना क्षेत्र के पाड़ोकिया टेमाभाला गांव निवासी सूरज सिंह सिगरा की रमाकांत नगर कॉलोनी (पिशाच मोचन) में परिवार के साथ रहते थे। शनिवार रात वह अपने दोस्त बबलू शाह के साथ माई टेबल बार ऐंड रेस्टोरेंट गए थे।
भाई बादल सिंह ने तहरीर में आरोप लगाया है कि रात में खाने-पीने को लेकर किसी से भाई का विवाद हो गया। इस पर वहां के मैनेजर ने बाउंसरों के साथ मिलकर सूरज से लूटपाट करते हुए जमीन पर पटककर इतना मारा कि उसकी मौत हो गई। हत्या को हादसे का रूप देने के लिए शव छत से नीचे फेंक दिया गया। पुलिस ने सोमवार सुबह करीब पांच बजे भाई की मौत की सूचना दी।
हर बिंदु की हो रही जांच: एसीपी
एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि रात में सूचना पर सिगरा पुलिस पहुंची थी। बार के नीचे शव मिला था। उसके मैनेजर से पूछताछ की गई। उनके मुताबिक डांस फ्लोर पर सूरज सिंह ने नशे में एक महिला से अभद्रता की थी। महिला की शिकायत पर बाउसंरों के जरिए सूरज सिंह को बार से बाहर निकाला दिया था। इसके बाद सूरज सिंह ऊपरी मंजिल पर नशे की हालत में पहुंचा था। इसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी नहीं है। एसीपी ने बताया कि वहां मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ ही आसपास के सभी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। हर बिंदु पर छानबीन की जा रही है।
रामकटोरा में है मुख्य ऑफिस
सूरज सिंह विंध्याचल एक्सप्रेस कैरियर के नाम से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय करते थे। मुख्य आफिस रामकटोरा में है। विश्वेश्वरगंज और लहरतारा में ब्रांच आफिस है। वाराणसी से बक्सर, डुमराव, गया, पटना, आरा शहरों के लिए ट्रांसपोर्ट का काम करते हैं। सूरज और उनके भाई मिलकर व्यवसाय संभालते हैं। वह दो भाई, दो बहन थे। पिता अजय सिंह का निधन हो चुका है।





