सहकारी ग्राम विकास बैंक के नामांकन के दौरान BJP-SP समर्थक भिड़े, पूर्व मंत्री और MLA बेटे के बीच धक्का-मुक्की
संभल में सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति चुनाव के नामांकन के दौरान ब्लॉक परिसर सियासी जंग का मैदान बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। इस मामले में भाजपा के पूर्व मंत्री और सपा विधायक बेटे सहित 25 लोगों को भारी-भरकम मुचलके पर पाबंद कर दिया है।

यूपी के संभल में सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति चुनाव के नामांकन के दौरान मंगलवार को गुन्नौर ब्लॉक परिसर सियासी जंग का मैदान बन गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के समर्थकों के बीच जमकर धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। माहौल इस कदर गरमाया कि पुलिस को मोर्चा संभालते हुए ब्लॉक परिसर खाली कराना पड़ा। विधायक के बेटे ने पहले हाथापाई करने का आरोप लगाया। इस मामले में भाजपा के पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव और सपा विधायक पुत्र अखिलेश यादव सहित 25 लोगों को भारी-भरकम मुचलके पर पाबंद कर दिया है।
नामांकन की प्रक्रिया तहसीलदार रविन्द्र विक्रम सिंह की देखरेख में मंगलवार सुबह 10 बजे से शुरू हुई। दोपहर करीब 1:30 बजे जैसे ही भाजपा के पूर्व मंत्री अजीत कुमार और सपा विधायक रामखिलाड़ी सिंह यादव के पुत्र अखिलेश यादव अपने समर्थकों के साथ आमने-सामने आए, विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते नोकझोंक हाथापाई में बदल गई। पुलिस ने हस्तक्षेप का प्रयास किया, लेकिन भीड़ के उग्र तेवरों को देखते हुए एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा और सीओ आलोक कुमार सिद्धू को भारी पुलिस बल के साथ मोर्चा संभालना पड़ा। सपा समर्थकों ने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में उनके नामांकन पत्रों को फाड़ने की कोशिश की गई और प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की गई।
वहीं, भाजपा पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि विपक्ष हार के डर से माहौल खराब करने की साजिश रच रहा है। हंगामे के बीच ही चंद्रभान सिंह (भाजपा समर्थित), योगेंद्र सिंह (सपा) और ममता देवी (सपा) ने अपने पर्चे दाखिल किए। 21 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इसके बाद 22 जनवरी को नामवापसी और 27 जनवरी मतदान होगा। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए शांति व्यवस्था भंग करने वालों पर सख्ती की है। पुलिस ने पूर्व मंत्री अजीत कुमार और सपा नेता अखिलेश यादव को 5-5 लाख रुपये के मुचलके पर पाबंद किया है। इसके अलावा, दोनों पक्षों के 23 अन्य कार्यकर्ताओं को 2-2 लाख रुपये के मुचलके से बांधा गया है।
उधर, पूर्व मंत्री अजीत कुमार उर्फ राजू यादव ने मारपीट की बात से इनकार करते हुए कहा कि विपक्ष विवाद फैलाने की मंशा से आया था। वहीं, विधायक पुत्र अखिलेश यादव ने कहा कि पूर्व मंत्री और उनके समर्थकों ने मुझ पर और मेरे समर्थकों पर हमला किया।
सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल
नामांकन के दौरान ब्लॉक परिसर में हुई धक्का-मुक्की और हाथापाई के कई वीडियो मंगलवार दोपहर बाद सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए। हालांकि हिन्दुस्तान वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वायरल वीडियो में एक युवक विधायक के बेटे पर भी हाथ उठाते हुए दिख रहा है। इसके बाद दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, जिससे जिला मुख्यालय तक राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। हालांकि, पुलिस और प्रशासन का कहना है कि स्थिति को समय रहते काबू कर लिया गया था।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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