Hindi NewsUP NewsBJP MP Ravi Kishan demands a law to punish complainants for fake criminal cases framing innocent persons
झूठा मुकदमा करने वालों को सजा देने का कानून बने; रवि किशन ने संसद में उठाई बेगुनाहों की आवाज

झूठा मुकदमा करने वालों को सजा देने का कानून बने; रवि किशन ने संसद में उठाई बेगुनाहों की आवाज

संक्षेप:

भाजपा सांसद रवि किशन ने झूठे केस दायर करने वालों को सजा देने के लिए एक कानून बनाने की मांग की है। उन्होंने झूठे आरोपों को जांच में सही ठहराने वाले जांच अधिकारियों पर भी कार्रवाई को कानून के दायरे में लाने की बात की है।

Dec 12, 2025 02:12 pm ISTRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली/ लखनऊ
share Share
Follow Us on

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद रवि किशन ने झूठे मुकदमे करने वालों को सजा दिलाने के लिए कानून बनाने की मांग केंद्र सरकार से की है। लोकसभा में गुरुवार को शून्यकाल (जीरो आवर) के दौरान रवि किशन ने फर्जी केस के कारण निर्दोष लोगों की मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों की संक्षिप्त चर्चा करते हुए कहा कि कानून बनाकर झूठा केस करने वाले और उसके आरोपों को सही बताने वाले जांच अधिकारियों पर कार्रवाई का कानून बनाना चाहिए। बता दें कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 248 बरी होने पर निर्दोष आरोपी को झूठे आरोप लगाने वाले पर केस करने का अधिकार देता है, जिसमें 5 से 10 साल सजा हो सकती है। लेकिन वह नया केस प्राथमिकी, जांच, चार्जशीट, सबूत, गवाही, बहस की पूरी प्रक्रिया से गुजरकर फैसले और सजा तक पहुंचने में कई साल ले सकता है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

रवि किशन ने कहा- ‘अगर मुजरिम है, गलत किया है तो सजा मिले। लेकिन कोई जुर्म नहीं किया है और किसी ने उस पर झूठा मुकदमा किया है (तो) जिस पर मुकदमा होता है, उसका परिवार बिखर जाता है, समाज में साख खत्म हो जाती है, बहन-बेटी की शादी बर्बाद हो जाती है। मुकदमा करने वाला आराम से रहता है। सरकार पर भी बोझ आता है। अनगिनत झूठे मुकदमे का आर्थिक बोझ सरकार पर पड़ता है। सरकार से मांग है कि कानून का दुरुपयोग कर फर्जी मुकदमा दायर करने वालों पर सख्त कार्रवाई का कानून बनाया जाए। फर्जी मुकदमों को सही ठहराने वाली जांच एजेंसियों पर भी कानून बनना चाहिए। झूठा मुकदमा करने वालों के लिए सजा तय होनी चाहिए।’

बीएनएस की धारा 248 के मद्देनजर रवि किशन की मांग को समझने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ने मशहूर वकील अश्विनी दुबे से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि 248 का प्रावधान एक नए केस की शुरुआत है, जो लंबी न्यायिक प्रक्रिया है। ऐसे में कई सालों से कोर्ट-कचहरी करने के बाद बरी हुआ निर्दोष आरोपी झूठे केस का नया मुकदमा करके फिर अगले कई साल अदालतों के चक्कर नहीं काटना चाहता। इस मनोवैज्ञानिक स्थिति का फायदा झूठे केस करने वाले उठाते हैं। अश्विनी ने कहा कि कानून में ऐसा प्रावधान होना चाहिए कि कोर्ट अगर किसी को झूठे आरोप से बरी करने का फैसला दे रहा है, तो उसी आदेश में झूठे आरोप लगाने वाले और जांच में उसे सही बताने वाले जांच अधिकारी (आईओ) को भी सजा दे दी दिया जाए, जुर्माना लगाया जाए। झूठे केस करने वाले और झूठे आरोपों को जांच में सही ठहराने वाले अधिकारी इससे डरेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी दुबे ने कहा कि एक निर्दोष व्यक्ति गलत मुकदमों को कई साल झेलता है और बाद में जब तक कोर्ट उसे बाइज्जत बरी करता है, उसका पूरा जीवन निकल चुका होता है। मानसिक, आर्थिक, सामाजिक पीड़ा मिलती है, तिरस्कार मिलता है। बिना दोषी ही वह दोषी मान लिया जाता है। उन मुकदमों में झूठे शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई आम तौर पर नहीं होती है। दुबे ने कहा- ‘बीएनएस की धारा 248 नया केस करने के लिए है। उसकी प्रक्रिया उसी तरह वर्षों तक चलेगी। अगर अदालत को लगता है कि क्राइम का आरोप झूठा लगा था तो उसके खिलाफ उसी जजमेंट में कार्रवाई हो। सजा मिले और आर्थिक दंड मिले। इससे झूठे मुकदमे कम होंगे। निर्दोष को सजा नहीं होगी। झूठा मुकदमा करने से पहले लोग डरेंगे।’

अश्विनी दुबे ने कहा कि झूठे मुकदमों में अधिकतर केस एससी-एसटी एक्ट, रेप, शारीरिक शोषण, शादी के झूठे वादे, छेड़छाड़ जैसे आरोपों में हो रहे हैं। उन्होंने कहा- ‘आम तौर पर देखा जाता है कि एडल्ट कपल संबंध बनाते हैं और बाद में रिश्तों में खटास आती है तो रेप या यौन उत्पीड़न या शादी के झूठे वादे का केस करा दिया जाता है। बाद में पता चलता है कि आपसी सहमति से संबंध बना था। कोई दबाब नहीं था, कुछ जबरन नहीं था। इसी तरह से कई बार एससी-एसटी, शारीरिक शोषण, छेड़छाड़ के कानून का दुरुपयोग हो रहा है।’

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा लगभग ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। बिहार में दैनिक जागरण से करियर की शुरुआत करने के बाद दिल्ली-एनसीआर में विराट वैभव, दैनिक भास्कर, आज समाज, बीबीसी हिन्दी, स्टार न्यूज, सहारा समय और इंडिया न्यूज के लिए अलग-अलग भूमिका में काम कर चुके हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |