
करोड़ों रुपये के नोटों के बंडल के साथ नजर आए भाजपा नेता, वीडियो वायरल
महराजगंज जिले के एक भाजपा नेता का करोड़ों के नोटों के बंडल के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से सनसनी मच गई।
यूपी के महराजगंज जिले के एक भाजपा नेता का करोड़ों के नोटों के बंडल के साथ एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से सनसनी मच गई। इस मामले में भाजपा नेता ने कहा कि तंत्र-मंत्रऔर जमीन संबंधी कारोबार का झांसा देकर आरोपितों ने चार लोगों के साथ 1.43 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। पैसा मांगने पर दौड़ाने लगे। फिर सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर दिया। उन्होंने कोतवाली पुलिस को प्रार्थना पत्र दिया है। हालांकि, 'हिन्दुस्तान' अखबार वायरल वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
भाजपा नेता प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। वायरल वीडियो करीब एक माह पुराना बताया जा रहा है। इस घटनाक्रम को लेकर जो बातें सामने आ रही हैं, उसके मुताबिक वाराणसी का रहने वाला मुख्य आरोपित चौक क्षेत्र के करौता और कोल्हुई क्षेत्र के एक व्यक्ति के माध्यम से भाजपा नेता और उनके करीबियों से मिला। तंत्र-मंत्र के सहारे हाथ हवा में हिलाया और उसके हाथ पचास हजार रुपये की गड्डी आ गई। कहा कि आप लोग जमीन का कारोबार करते हैं। पैसा दीजिए।आपका पैसा भी बढ़ा दूंगा। कीमती जमीन भी दिलवा दूंगा। जालसाज के 'चमत्कार' से प्रभावित होकर भाजपा नेता समेत चार लोगों ने 1.43 करोड़ रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके लिए किसी ने अपनी स्कार्पियो बेची। किसी का मकान बिका था। पैसा मिलने के बाद आरोपित दौड़ाने लगा। पहले निचलौल में जमीन दिखाई। इसके बाद कहा कि बनारस में जमीन है। उसे भी देख लीजिए।
भाजपा नेता के मुताबिक वह बनारस पहुंचे। बात अटपटी लगने के बाद भाजपा नेता ने पैसा वापस मांगना शुरू किया। इस पर कहा कि आपका पैसा सुरक्षित रखा है। फिर वह एक मकान में ले गया। वहां कमरे के कोने में नोटों का बंडल रखा था। भाजपा नेता ने उसे छूने का प्रयास किया, लेकिन जालसाज ने यह कहते हुए मना कर दिया कि यह पैसा तंत्रमंत्र किया हुआ है। इसे छूने से अनर्थ हो जाएगा। इस दौरान आरोपितों ने भाजपा नेता का नोटों के बंडल के साथ वीडियो बना लिया। भाजपा नेता का कहना है कि तंत्र-मंत्र के नाम पर उन्हें फंसाया गया है। नोटों के बंडल के सवाल पर उनका कहना है कि उसे छूने नहीं दिया गया। उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्रार्थना पत्र मिलने के बाद जांच-पड़ताल की जाएगी।





