सपा-बसपा के मजबूत बूथ क्षत्रपों पर भाजपा की नजर, एक साथ 403 सम्मेलनों से फूंका चुनावी बिगुल

लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ, विशेष संवाददाता
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यूपी में अगले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने एक साथ सभी 403 विधानसभा सीटों पर बूथ सम्मेलन करके चुनावी बिगुल फूंक दिया है। इन सम्मेलनों के जरिए भाजपा की नजरें सपा-बसपा के मजबूत बूथ क्षत्रपों पर रहीं। जातिगत ताना-बाना के जरिए इन्हें साथ लाने की कवायद शुरू हो गई है।

bjp booth sammelan
बीजेपी बूथ सम्मेलन

यूपी में विधानसभा के लिए चुनावी तिथियों का ऐलान चाहे जब हो, मगर भाजपा ने यूपी में चुनावी बिगुल फूंक दिया है। पार्टी ने बुधवार को प्रदेश के 403 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ बूथ सम्मेलन करके चुनावी रणभेरी बजा दी। इस संगठनात्मक कवायद को चुनावी दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन सम्मेलनों के जरिए बूथ स्तर पर सारे वोटरों की मैपिंग करने का लक्ष्य दिया गया। भाजपा की नजर हर बूथ के जातिगत रूप से मजबूत चेहरों पर भी है। फिर चाहे वो किसी भी दल के हों। खासकर सपा-बसपा के मजबूत क्षत्रपों पर नजरें हैं। पदाधिकारियों को ऐसे जातिगत चेहरों की सूची बनाने का भी टॉस्क दिया गया है।

सत्ताधारी दल इन दिनों पूरी तरह चुनावी मोड में है। एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश के जिलों के तूफानी दौरे पर हैं, दूसरी ओर संगठन ने भी 'बूथ जीता-चुनाव जीता' की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी ने एक दिन में सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में बूथ सम्मेलनों का नया प्रयोग किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह सहित पूरी सरकार और संगठन बुधवार को बूथ पर नजर आए। बूथ अध्यक्षों को पूरा चुनावी खाका समझाया गया। 'अपनों' के साथ 'दूसरों' तक पहुंचने का मंत्र भी दिया गया। पार्टी ने तय कर दिया कि अब चुनाव तक सारी गतिविधियां बूथ केंद्रित ही रहेंगी।

सपा-बसपा के जातीय क्षत्रपों पर भाजपा की नजर

दरअसल, बूथ मजबूत करने की भाजपा की कवायद के केंद्र में सपा-बसपा सहित अन्य दलों के मजबूत चेहरे भी हैं। पार्टी इन्हें चिन्हित कर अपना सामाजिक ताना-बाना और मजबूत करना चाहती है। बूथ अध्यक्षों के लिए तय किए गए कार्यों में एक बिंदु बूथ पर जातिगत नेताओं का भी है। इनकी सूची बनाते समय जाति का नाम, नेता का नाम और दल भी बताना है।

वहीं उस बूथ पर भाजपा के जातीय चेहरों का भी उल्लेख करना है। गांव के मुखिया और विभिन्न संगठनों के प्रमुख कार्यकर्ताओं की भी सूची बनाने को कहा गया है। बूथ पर प्राथमिक सदस्य, सक्रिय सदस्य, बूथ समिति, पन्ना प्रमुख, पन्ना में मतदाता, बूथ पर विचार परिवार (आरएसएस) के कार्यकर्ता, वरिष्ठ और पूर्व कार्यकर्ता, मोर्चा, प्रकोष्ठों और प्रकल्पों के कार्यकर्ताओं के साथ ही दूसरे दलों से पार्टी में आने वालों की भी अलग-अलग सूची बनेंगी।

इसके अलावा उस बूथ पर भाजपा समर्थित लोग, दलित मतदाता सहित अन्य भी सूचीबद्ध किए जाएंगे। इस पूरी कवायद का लव्वोलुआव यही है कि पार्टी प्रत्येक बूथ पर हर वोटर के दरवाजे पर अब लगातार दस्तक देगी।

Yogesh Yadav

लेखक के बारे में

Yogesh Yadav

योगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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