बिस्कुट के पैकेट पर MRP से 104 रुपए रुपए लिए ज्यादा, लगा हर्जाना; 3 साल बाद आया ये फैसला
आरोप लगाया था कि 3 सितंबर 2023 को उन्होंने फ्लिपकार्ट कंपनी की वेबसाइट पर 286 रुपये का भुगतान करके दो पैकेट मालकिस्ट क्रैकर बिस्कुट बुक किए थे। कंपनी वालों ने बताया था कि एमआरपी से छूट प्रदान कर कीमत कम ली जाएगी। लेकिन डिलीवरी मिलने पर देखा तो MRP से अधिक रुपये ले लिए गए थे।

उत्तर प्रदेश के आगरा में बिस्कुट के पैकेट पर एमआरपी से 104 रुपये अधिक वसूलने का मामला उपभोक्ता आयोग पहुंचा। पीड़ित ने न्याय के लिए आगरा जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम में केस दायर किया था। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने फ्लिपकार्ड इंडिया प्राइवेट कंपनी और बाज्यमार डॉट कॉम को आदेश दिए कि पीड़ित को कीमत से अधिक वसूले गए 104 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित अदा करें। इसके अलावा मानसिक पीड़ा और केस में खर्च की भरपाई के तौर पर पांच हजार रुपए भी दें।
टेहू बरहन गांव के रहने वाले पीड़ित मनोज कुमार ने आयोग में केस किया था। आरोप लगाया था कि तीन सितंबर 2023 को उन्होंने फ्लिपकार्ट कंपनी की वेबसाइट पर 286 रुपये का भुगतान करके दो पैकेट मालकिस्ट क्रैकर बिस्कुट बुक किए थे। तब कंपनी वालों ने बताया था कि एमआरपी से छूट प्रदान कर कीमत कम ली जाएगी। आठ सितंबर 2023 को डिलीवरी मिली। देखा तो एमआरपी से अधिक रुपये ले लिए गए थे। एमआरपी का प्रिंट भी खुरच दिया गया गया।
तब उन्होंने कंपनी की वेबसाइट से जानकारी की तो पता चला कि प्रोमो पैक होने के कारण इस पर 10 रुपये की छूट भी थी। बिस्कुट का मूल्य भी 50 रुपये पैकेट था। शिकायत करने पर कंपनी ने 13 सितंबर 2023 तक समाधान करने का वादा किया था। लेकिन, समय गुजर जाने के बाद भी फ्लिपकार्ट अथवा विक्रेता कंपनी की ओर से उपभोक्ता को अतिरिक्त रुपये वापस नहीं किए गए। उन्होंने विधिक नोटिस का भी जवाब नहीं दिया गया। तब उसने वर्ष 2024 में सुनवाई के लिए मामला उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत आज 5.50 लाख केस चिह्नित
राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को दीवानी परिसर आदि में किया जाएगा। शुभारंभ जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण संजय कुमार मलिक करेंगे। राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए 5.50 लाख वादों को चिह्नित किया गया है। शुक्रवार को लोक अदालत के आयोजन को सफल बनाने के लिए दीवानी परिसर में तैयारियां चलती रहीं।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पंकज कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण के लिए 5.50 लाख मामलों को चिह्नित किया है। इनमें न्यायालयों में लंबित शमनीय आपराधिक वाद, यातायात चालान, बैंक एवं वित्तीय विवाद, पारिवारिक एवं वैवाहिक विवाद, विद्युत एवं जल संबंधी प्रकरण, राजस्व मामले तथा अन्य ऐसे प्रकरण शामिल हैं। जिनका विधि के अनुसार लोक अदालत के माध्यम से निस्तारण किया जा सकता है। लोक अदालत में आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के आधार पर मामलों का निस्तारण किया जाता है।
चालानों के निस्तारण को न्यायालय अधिकृत
राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित यातायात चालानों के अधिकाधिक निस्तारण के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शारिब अली के आदेश पर न्यायालयवार निस्तारण की व्यवस्था की गई है। इसमें ओवरस्पीड, सीट बेल्ट, हेलमेट, पार्किंग, गलत दिशा में वाहन चलाना धारा 184 एवं 179 मोटर वाहन अधिनियम से संबंधित मामले। वर्ष 2024 और 2025 के जनवरी से दिसम्बर तक के चालान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालयों, न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, अतिरिक्त सिविल जज (जू.डि.)/ त्वरित न्यायालय तथा स्पेशल जेएम न्यायालयों में निस्तारित किए जाएंगे। पूर्व में यातायात विभाग से संबंधित चालानों के निस्तारण के लिए स्पेशल जेएम प्रथम एवं द्वितीय न्यायालय निर्धारित किए गए हैं।


