यूपी के इस जिले में फैला बर्ड फ्लू, पोल्ट्री फार्म में मरी मिलीं 15 हजार मुर्गियां, अलर्ट जारी
यूपी का रामपुर जिला बर्ड फ्लू की चपेट में है। यहां 30 हजार मुर्गियों के मरने के बाद हरकत में आए प्रशासन ने पोल्ट्री फार्मों को सील कर दिया है। साथ ही एक किलोमीटर की दूरी में ग्रामीणों को जाने से मना कर दिया है।
यूपी के रामपुर में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। बिलासपुर तहसील क्षेत्र में 30 हजार मुर्गियां के मरने के बाद प्रशासन ने पोल्ट्री फार्मों को सील कर दिया और इससे निपटने की कवायद शुरू कर दी है। साथ ही ग्रामीणों से पोल्ट्री फार्मों के आसपास न जाने की हिदायत दी है। 30 पोल्ट्री फार्म सील किया है। वहीं, बर्ड फ्लू के बढ़ते मामले को देखते हुए पूरे मंडल में अलर्ट जारी कर दिया गया है।
बिलासपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में पोल्ट्री फार्म मौजूद हैं। इन पोल्ट्री फार्मों में बड़ी तादाद में मुर्गी पालन किया जाता है। इसी बीच करीब सप्ताह भर पूर्व तहसील के गांव सिहोर और सिहोरा के निकट एक पोल्ट्री में मुर्गियों के मरने का क्रम जारी हो गया था। रोजाना हजारों की तादाद ने मुर्गियां मरती और पोल्ट्री फार्म संचालक उन्हें जंगल में खुले में फेंक दिया करते थे। मरी हुई मुर्गियों की दुर्गंध से परेशान ग्रामीण एकत्रित होकर तहसील पहुंच गए और अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करवाया। लेकिन, पहले तो अधिकारी इस समस्या को मामूली समझकर टालमटोल करने लगे। लेकिन जब ग्रामीणों ने इस समस्या को तथ्यों के साथ रखा तो अधिकारी गांव पहुंच गए।
बिलासपुर तहसील क्षेत्र के गांव सीहोर के पोल्ट्री फार्म में 15 हजार से अधिक मुर्गियों की मौत हो गई। पशुपालन विभाग की टीम ने मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए आठ अगस्त को आवश्यक सैंपल इकट्ठे कर हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज लैबोरेट्री भोपाल को भेजे थे। 10 अगस्त को प्राप्त लैब रिपोर्ट में एच5 एन1 एवं इन्फ्लूएंजा वायरस यानी बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई। एसडीएम अरुण कुमार और पशु चिकित्सा अधिकारी डा. वेदपाल सिंह ने जेसीबी से गड्ढा खुदवाया था और मरी हुई मुर्गियां को उसमें दफन करवा दिया था। साथ ही कुछ नमूने लेकर जांच हेतु मुख्यालय से बरेली भेजे गए थे। लेकिन, बरेली में जांच में स्पष्ट न होने के कारण जांच को भोपाल भेजा था। रविवार देर रात भोपाल से आई रिपोर्ट में मुर्गियों के मरने का कारण बर्ड फ्लू निकला। बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारी देर रात गांव पहुंच गए और पोल्ट्री फार्मों को सील कर दिया।
साथ ही पोल्ट्री फार्म में मौजूद मुर्गियों को मारकर उन्हें दबाने का क्रम जारी कर दिया गया। पोल्ट्री फार्मों में हजारों की संख्या में मौजूद मुर्गियों को मारकर दफन करने का सिलसिला देर रात से शुरू होकर अगले दिन सोमवार को भी जारी रहा। इसके अलावा पोल्ट्री फार्म के आसपास एक किलोमीटर के दायरे को सुरक्षा की दृष्टि से बंद किया गया। वहीं, सोमवार को एसडीएम ने स्वास्थ्य और पशु विभाग के साथ एक बैठक करते हुए इससे निबटने की योजना तैयार की। उधर, प्रशासन ने एडवाइजरी जारी कर ग्रामीणों से सतर्कता बरतने के आदेश जारी किए हैं। इस पर एसडीएम अरुण कुमार का कहना है कि पोल्ट्री फार्म में लगभग 35000 हजार मुर्गियां मौजूद थीं।
लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
और पढ़ें

