एक ही चूल्हे पर खाना बनाने की परंपरा को बढ़ा रहे गजेन्द्र सिंह
गजेन्द्र सिंह प्रधान का परिवार सुंदरपुर में एक उदाहरण है। उनका परिवार आज भी एक चूल्हे पर खाना बनाता है। परिवार के सभी सदस्य एक साथ खुशहाल जीवन जी रहे हैं। गजेन्द्र सिंह का प्रयास है कि यह परंपरा आने वाली पीढ़ियों में भी बनी रहे।

रिश्तों को संभाल पाना हर किसी के लिए आसान नहीं है। छोटी-छोटी बातों पर जहां परिवार टूट रहे हैं तो वहीं सुंदरपुर निवासी गजेन्द्र सिंह प्रधान का परिवार लोगों के लिए मिसाल बना है। गजेन्द्र सिंह का घर संयुक्त परिवार की सच्ची मिसाल है। आज भी उनके घर में एक ही चूल्हे पर खाना बनता है। उनके परिवार के सदस्य एक दूसरे पर जान न्यौछावर करने को तैयार रहते हैं। गजेन्द्र सिंह और उनकी पत्नी बुंदिया ने बेटे और बहुओं के बीच गजब का सामजस्य बैठा रखा है। गांव सुंदरपुर। गजेन्द्र सिंह प्रधान का परिवार संयुक्त परिवार है। गजेन्द्र सिंह के दो बेटे दारा सिंह और सुमित कुमार है। दारा सिंह की पत्नी रुचि चौधरी और दो बच्चे नैतिक और कार्तिक है। वहीं गजेन्द्र सिंह प्रधान के छोटे पुत्र सुमित कुमार की पत्नी प्रियंका और दो बेटे विहान और प्रियांश है। दारा सिंह की शादी को करीब 16 साल और सुमित की शादी को 14 साल हो गए हैं। गजेन्द्र सिंह प्रधान की पत्नी बुंदिया देवी, दोनों बेटे, दोनों बहू और चारों पोते एक मकान की छत के नीचे रहते हैं। आधुनिकता की चकाचौंध में आज जहां रिश्ते टूट रहे हैं। छोटी छोटी बातों पर परिवार के सदस्य अलग हो रहे हैं तो वहीं गजेन्द्र सिंह प्रधान का परिवार एक साथ रह रहा है। बड़ी बात यह है कि आज भी उनके परिवार का खाना एक ही चूल्हे पर बनता है। घर की जिम्मेदारी दोनों बहू बखूबी निभाती है। एक साथ लम्बे समय से रहते हुए भी परिवार के सभी खुशहाल जीवन जी रहे हैं। परिवार के किसी भी सदस्य में घर के कामों को लेकर कोई मनमुटाव नहीं होता है。
गजेन्द्र सिंह के परिवार की परंपरा
गजेन्द्र सिंह के परिवार में उनके बेटे ही आज एक चूल्हे पर खाना नहीं बनवा रहे । खुद गजेन्द्र सिंह प्रधान के पिता घसीटा सिंह के समय में भी एक चूल्हे पर खाना बनता था। गजेन्द्र सिंह बताते हैं कि उनके पिता का परिवार लम्बा चौड़ा परिवार था। इसके बावजूद भी करीब 35 सालों तक एक ही चूल्हे पर परिवार का खाना बनता था। पिताजी के समय चली आ रही परम्परा को मेरे दोनों बेटे दारा सिंह और सुमित ने आगे बढ़ाया है। मेरा प्रयास रहेगा कि आने वाली पीढ़ी में भी यह परम्परा कायम रहे। गजेन्द्र सिंह पेशे से किसान है। एक बेटा अपने पिता के साथ खेती का काम देखता है तो दूसरा बेटा कारोबारी है।
--------------------
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


