ये है ताजपुर का गिरजाघर, जिसकी एशिया में अलग पहचान
संक्षेप:
Bijnor News - ताजपुर का सेक्रेड हार्ट चर्च ऐतिहासिक प्रेम और धार्मिक एकता का प्रतीक है। इसका निर्माण 1913 में दो राजाओं ने अपनी फ्रेंच पत्नियों के सम्मान में कराया था। यह चर्च न केवल ईसाई समुदाय के लिए, बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए एक ऐतिहासिक धरोहर है। हर साल क्रिसमस पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है।
Dec 23, 2025 10:43 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिजनौर
दो समुदायों के प्रेम का प्रतीक ऐतिहासिक गिरजाघर अपनी कलाकृतियों और सुंदरता के लिए पूरे क्षेत्र में अलग पहचान रखता है। राजा का ताजपुर स्थित यह ऐतिहासिक सेक्रेड हार्ट चर्च अपनी अनूठी वास्तुकला और धार्मिक सौहार्द के लिए जाना जाता है। ताजपुर से लगभग दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह भव्य गिरजाघर आकर्षक और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। इस गिरजाघर का निर्माण 18 नवंबर 1913 को यहां के राजा फ्रांसिस जेवियर श्याम रिख और राजा सिल्वेस्टर नॉर्वर्ट शिवनाथ रिख द्वारा अपनी फ्रेंच पत्नियों रानी मार्गरेट लिलियाना व विलियम मेरी के सम्मान में बनवाया था।
प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें ताजपुर के राजा प्रताप सिंह की मृत्यु 1873 में एक विशाल क्षेत्र और तीन योग्य पुत्र जगत सिंह, श्याम सिंह और शिवराज सिंह को छोड़कर हो गई जो उत्तराधिकारी बने। श्याम सिंह और शिवराज सिंह शिक्षा के लिए इंग्लैंड गए, जहां इन्होंने ईसाई धर्म से जुड़ी सहपाठियों से विवाह कर लिया।
इंग्लैंड से लौटने के बाद इन दोनों राजाओं ने अपनी पत्नियों लिए यहां गिरजाघर का निर्माण कराया। बताया जाता है कि राजा फ्रांसिस जेवियर का वर्ष 1943 में 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी मृत्यु के दो माह बाद उनकी पत्नी ने ताजपुर स्थित इस गिरजाघर में ही अंतिम सांस ली।
गिरजाघर परिसर में उनकी कब्रें स्थापित हैं, जिन्हें देखकर धार्मिक एकता और आपसी सम्मान की भावना झलकती है। खास बात यह है कि यह गिरजाघर हर वर्ष क्रिसमस-डे पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाता है। इस दौरान दूर-दराज से लोग यहां मेल में पहुंचते हैं।
सेक्रेड हार्ट चर्च न केवल ईसाई समुदाय के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि हिंदू-मुस्लिम-सिख सभी धर्मों के लोगों के लिए ऐतिहासिक धरोहर के रूप में सम्मानित है। यह गिरजाघर ताजपुर की पहचान बन चुका है और आज भी धार्मिक सद्भाव का संदेश देता है।
ताजमहल की तरह मानते हैं प्रेम का प्रतीक
नूरपुर/ताजपुर। एशिया का नामचीन राजा का ताजपुर का सेक्रेड हार्ट चर्च एक ईसाई धर्म के अनुयायियों का प्रसिद्ध पूजा स्थल है। लेकिन राजाओं द्वारा अपनी अंग्रेज पत्नियों की इच्छानुसार बनाने के कारण इसे ताजमहल की तरह प्रेम का प्रतीक भी मानते हैं। क्रिसमस डे के अतिरिक्त पूरे वर्ष अनेक नवविवाहित युगल के अतिरिक्त कई प्रेमी युगल भी इस ऐतिहासिक व यादगार चर्च के दर्शन करने के लिए पहुंचते है। क्रिसमस डे पर चर्च से स्योहारा रोड लाल सड़क व शांति नगर के आसपास उमड़ने वाली भारी भीड़ व मेले को देखते हुए भारी पुलिसबल लगाया जाता है।

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