
वीएलटी-डी से लग रही रोडवेज बसों की स्पीड पर लगाम
संक्षेप: Bijnor News - जिले में रोडवेज बसों की रफ्तार और लोकेशन पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। सभी 138 बसों को वीएलटी-डी डिवाइस से लैस किया गया है, जिससे बसों की स्पीड और ड्राइविंग पैटर्न पर नजर रखी जा रही है। इससे...
अब जिले में चल रही रोडवेज बसों की रफ्तार और लोकेशन दोनों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। परिवहन विभाग ने जिले की सभी 138 बसों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटी-डी) से लैस कर दिया है। ये डिवाइस सीधे ट्रैफिक इंटेलीजेंस सर्वर से जुड़ी हैं, इस नई तकनीक से अब न केवल बसों की लोकेशन पर नजर रखी जा रही है, बल्कि बसों की स्पीड चालकों का ड्राइविंग पैटर्न लोकेशन और स्टॉपेज पर रीयल टाइम नजर रखी जा रही है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक वीएलटी-डी के माध्यम से अब यह भी देखा जा सकता है कि कौन सी बस निर्धारित रूट से बाहर गई, कहां-कहां रुकी, और कितनी देर तक रुकी।
यह तकनीक विभाग को तेज रफ्तार, अनधिकृत स्टॉपेज और रूट उल्लंघन जैसी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने में सक्षम बना रही है। आने वाले समय में इस सिस्टम को और अधिक स्मार्ट मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर से जोड़ा जाएगा, जिससे हर बस की निगरानी मोबाइल ऐप से भी की जा सकेगी। परिवहन निगम के अधिकारी ने बताया कि वीएलटी-डी से रोडवेज संचालन में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ी है। उन्होंने कहा इससे न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। दो चालकों से वसूला जा चुका है जुर्माना परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार रोडवेज बसों की स्पीड सीमा 80 किमी प्रतिघंटा है, यदि किसी बस की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक पाई जाती है तो, सर्वर में दर्ज हो जाती है। जिसके बाद चालक को पहली बार चेतावनी दी जाती है। अब तक 30 चालकों को चेतावनी दी जा चुकी है, जबकि दो चालकों से 500-500 रूपये जुर्माना भी वसूला गया है। ट्रैफिक इंटेलीजेंस सर्वर से जुड़ी सभी बसें परिवहन निगम के अधिकारियों के अनुसार, जिले की सभी बसों में लगाई गई यह वीएलटी-डी डिवाइस सीधे ट्रैफिक इंटेलीजेंस सर्वर से कनेक्ट की गई है। ट्रैफिक इंटेलीजेंस सर्वर पर डिपो व लखनऊ मुख्यालय से भी निगरानी की जाती है। हर बस की लोकेशन, दिशा, स्टॉपेज और स्पीड का डेटा सीधे सर्वर पर रिकॉर्ड होता रहता है। यह व्यवस्था दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने में मददगार साबित होगी। ऑटोमैटिक ब्रेकिंग अलर्ट तकनीक से जुड़ेगा वीएलटी-डी बिजनौर डिपो की बसों में पैनिक बटन भी अटैच किए गए हैं। जिससे मार्ग में परेशानी होने पर यात्री उसका उपयोग कर सकते हैं। आने वाले समय में इस सिस्टम को ऑटोमैटिक ब्रेकिंग अलर्ट जैसी तकनीकों से भी जोड़ा जाएगा। इससे बसों में यात्रा और भी सुरक्षित हो जाएगी। बस अड्डे पर लगाई गई है बड़ी स्क्रीन यात्रियों की जानकारी के लिए बिजनौर रोडवेज डिपो पर डिस्प्ले स्क्रीन लगाई गई है। इस स्क्रीन पर बसों की रीयल टाइम स्थिति दिखाई देती है। किस रूट पर कितनी बसें संचालित है और उनका डिपो से आने-जाने का क्या समय है। वर्जन.... बिजनौर डिपो की सभी निगम व अनुबंधित 138 बसों को वीएलटी-डी तकनीक से जोड़ा गया है। इससे बसों की मनमानी रफ्तार और अनधिकृत स्थानों पर रोकने से रोक लगी है। बसों की हर गतिविधि का डेटा निगम के नियंत्रण कक्ष में दर्ज होता है। अब तक 30 चालकों को स्पीड को लेकर चेतावनी दी गई है। वही दो चालकों से 500-500 रूपये का जुर्माना भी वसूला गया है। - अशोक कुमार, एआरएम बिजनौर डिपो

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