
बोले बिजनौर : टूटी सड़कें-गंदगी का अंबार बना परेशानी
Bijnor News - नगीना विधानसभा की ग्राम पंचायत कस्बा कोटरा में लगभग 15 हजार लोग रहते हैं, लेकिन यहां की मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह से खराब हो गई हैं। पानी की टंकी अधूरी है, सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, और आवारा कुत्तों एवं बंदरों का आतंक बढ़ रहा है।
नगीना विधानसभा की ग्राम पंचायत कस्बा कोटरा में करीब 15 हजार की आबादी निवास करती है। यहां के लोग सुविधाओं को तरस रहे हैं। ग्राम पंचायत में पानी की टंकी अधर में लटकी हुई है। टंकी के आसपास कूड़े के ढेर लगे हैं। पंचायत की नालियों का पानी मदरसे के पास तालाब में जाता है। ग्राम पंचायत फतेहपुर और राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाला रोड खस्ताहाल में है। जलनिगम ने पाइप लाइन डाल कर खोदे गए गड्ढों की मरम्मत अच्छे सीमेंट सामग्री से नहीं की है। जिससे बजरी उखाड़ना शुरू हो गई है। सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। तालाब में गंदगी, कूड़ी के ढेर, घास उगी है।
पूरे ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था चार सफाई कर्मियों पर निर्भर है ग्राम पंचायत में फागिंग नहीं होती है। खेल का मैदान नहीं है। ग्राम पंचायत में कोई पार्क नहीं है। कई हैंडपंप खराब हालत में खड़े हैं। नगीना विधानसभा की ग्राम पंचायत कस्बा कोटरा मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। हर एक गली सड़क और छतों पर बंदरों और कुत्तों का आतंक है। बंदरों का झुंड लोगों पर हमलाकर सामान और कपड़े उठाकर ले जाते हैं। कुत्तों बंदरों के डर से छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं जा पाते हैं। राहगीरों पर हमला कर देते हैं। यहां सबसे बड़ी समस्या पानी की टंकी की है पानी की टंकी बीच में ही अधर में लटकी हुई है। लोगों की तमाम कोशिशें के बाद भी पानी की टंकी का निर्माण बीच में रुका पड़ा है, पानी की टंकी के आसपास गंदगी फैली हुई है, पानी की टंकी बनाने में सिर्फ आश्वासन पर ही निर्भर है। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या रहती है। राहगीरों का चलना दूभर हो जाता है। खोदी गई सड़कों में पाइपलाइन डालने से बनी हुई सड़कं खराब कर दी गई हैं। खोदी गई सड़कों की मरम्मत गुणवत्ता सामग्री से नहीं की गई है। जिससे सड़कों की हालत खराब दिखती है। कई सड़कों पर बजरी उखाड़ना शुरू हो गई है। बजरी उखड़ी सड़कों से राहगीरों को ठोकरें लग रही हैं। गांव में तालाब में कुड़ी के देर है घास उग रही है वहां कूड़ा नहीं उठाता है। गंदगी से बीमारी का खतरा बना हुआ है। गांव में नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाता है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी देर से आते हैं और सफाई कर्मियों की कमी भी है। पूरे गांव की नालियों का पानी मदरसे के पास तालाब में जाता है। जिससे तमाम गंदगी और बदबू फैल रही है। ग्राम फतेहपुर और राष्ट्रीय राज मार्ग को जोड़ने वाली सड़क जर्जर हालत में है। खंभों पर लाइटें नहीं लगी हैं बल्कि बल्ब लटक रहे हैं। खंभों पर बिजली के तार लटके हुए हैं जिनसे किसी भी समय अनहोनी हो सकती है। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान कई बार तहसील समाधान दिवस में बीच में रुका टंकी का निर्माण की शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिल जाता है। बंदरों और कुत्तों का बढ़ रहा आतंक कोटरा पंचायत में इन दिनों बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक सबसे बड़ी परेशानी बन चुका है। यहां की शायद ही कोई गली हो, जहां इन जानवरों का डर न हो। बंदरों के झुंड अचानक लोगों पर हमला कर देते हैं। लोगों का कहना है कि बंदर घरों से सामान, कपड़े और खाने-पीने की चीजें उठा ले जाते हैं और फिर लोगों को दिखा-दिखाकर फाड़ देते हैं। वहीं आवारा कुत्तों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। सुबह और शाम के समय कुत्तों के झुंड राहगीरों पर हमला कर देते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में खासा भय बना हुआ है। अधर में लटकी पानी की टंकी यहां की सबसे बड़ी समस्या पेयजल को लेकर है। पंचायत में बनाई जा रही पानी की टंकी बीच में ही अधूरी छोड़ दी गई है। टंकी का ढांचा खड़ा है, लेकिन निर्माण कार्य काफी समय से रुका पड़ा है। ग्रामीणों और ग्राम प्रधान ने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। पानी की टंकी अब ग्रामीणों के लिए विकास नहीं, बल्कि सरकारी लापरवाही की पहचान बन चुकी है। टंकी के आसपास गंदगी फैली हुई है, झाड़ियां उग आई हैं और बारिश के मौसम में वहां जलभराव हो जाता है। अधूरी टंकी किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है, लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। बरसात में जलभराव, राहगीरों का निकलना दूभर बरसात के मौसम में कोटरा पंचायत की हालत और खराब हो जाती है। ग्राम पंचायत की कई गलियों और सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है। स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। कई बार लोग फिसलकर गिर भी चुके हैं। पाइपलाइन के नाम पर सड़कों की बर्बादी लोगों का आरोप है कि गांव में पाइपलाइन डालने के नाम पर बनी-बनाई सड़कों को खोद दिया गया, लेकिन बाद में उनकी मरम्मत घटिया सामग्री से की गई। कई जगह सड़कें पूरी तरह उखड़ चुकी हैं। बजरी निकलने लगी है, जिससे राहगीरों को ठोकरें लग रही हैं। दोपहिया वाहन चालक आए दिन गिरकर चोटिल हो रहे हैं। यदि समय रहते इन सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई तो हालात और बिगड़ सकते हैं। गंदगी और बीमारियों का खतरा गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। नियमित रूप से कूड़ा नहीं उठाया जाता। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मी कभी-कभार ही आते हैं और उनकी संख्या भी बेहद कम है। गांव के तालाबों में कूड़े के ढेर लगे हैं, घास उग आई है और बदबू फैल रही है। विशेषकर मदरसे के पास स्थित तालाब में पूरे गांव की नालियों का गंदा पानी जाता है, जिससे आसपास के लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। डस्टबिन न रखे होने से फैल रही गदंगी ग्राम पंचायत में चौराहों पर डस्टबिन रखे जाएं, जिससे लोग सड़कों पर कूड़ा न डाला जाए। डस्टबिन में ही डालें। इससे सड़कें साफ सुथरी रहेंगी। रोजाना सफाई कर्मी कूड़ा उठाने आएं, जिससे कूड़े के ढेर चौक चौराहों पर कूड़ा नज़रें आए। सड़के साफ रहें गंदगी से बचाव हो सके और बीमारी न फैल सके। शिकायतें 1. सफाई कर्मियों की कमी के चलते गंदगी के ढेर लग रहे हैं। 2. तालाब में कूड़े की ढेर लग रहे हैं। तालाब में ही पूरे गांव का पानी जाता है। 3. आवारा कुत्तों और बंदरों से लोग परेशान हैं। 4. सार्वजनिक शौचालय की कमी से लोग परेशान हैं। 5. सड़कों में पाइपलाइन डालने में तोड़ी गई सड़कें गुणवत्ता सामग्री से मरम्मत नहीं हुई। सुझाव 1. ग्राम पंचायत में सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए। 2. तालाब में कूड़े के ढेर ना डाले जाएं। 3. बरसात के पानी की समुचित व्यवस्था की जाए। 4. बंदरों और कुत्तों से निजात दिलाई जाए। 5. ग्राम पंचायत में हाई माक्र्स लाइट लगाई जाए। अपनी बात रखी ग्राम पंचायत की मुख्य सड़क के पास कूड़ा डाला जाता है। जिससे संक्रामक बीमारी फैलना का खतरा बना रहता है। ग्रामवासी कूड़े की बदबू से काफी परेशान है। - अहसानुदीन अंसारी शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए ओवर हेड टैंक का निर्माण होना चाहिये। जिससे ग्रामीणों को शुद्ध पानी सुचारु रूप से मिल सकें तथा साथ ही नियमित रूप से फॉगिंग होनी चाहिए। - दीपक ग्राम की 6000 की आबादी पर सिर्फ 04 सफाई कर्मी तैनात हैं। सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए। जिससे ग्राम पंचायत की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। - बबलू ग्राम पंचायत की मुख्य सड़क और मदरसे के पास स्थित तालाब का सौन्दर्य करण होना चाहिये। पूरे ग्राम पंचायत का गंदा पानी तालाब में जाता है। तालाब के पास डाले जा रहे कूड़े की व्यवस्था होनी चाहिए। - टेकचंद ग्राम पंचायत के भीतर प्रत्येक लगे बिजली के पोल पर सोलर लाइटें लगनी चाहिए। जबकि रोशनी के लिए पोल पर बल्ब टांगे गए हैं। मुख्य जगहों पर हाई मास्क लाइटें लगवाई जाएं। रोशनी की व्यवस्था के लिए अधिक से अधिक स्ट्रीट लाइट लगवाई जाए। - सरताज अहमद सफाई व्यवस्था सुचारू की जाए। नियमित तौर पर सफाई अभियान चलाकर गंदगी से निजात दिलाई जाए। रोज कूड़ा उठना चाहिए। - हरिराज ग्राम पंचायत में प्रवेश मार्ग के साथ ही मुख्य सड़क का निर्माण हो, जिससे सड़क पर चलना आसान हो। इस पर भी अधिकारी ध्यान दें। - मुन्ने सिंह ग्राम पंचायत में बंदरों की समस्या से निजात दिलाई जाए। आये दिन बंदरों के काटने से ग्रामीण घायल हो जाते हैं। सर्दी में कपड़े और जरूरत का सामान छतों पर सुखाना मुश्किल हो गया है। इसका निस्तारण होना चाहिए। - जसपाल सिंह ग्राम में स्थित मदरसा के पास कूड़ा डाला जाता है। जिससे बदबू और मच्छर मक्खियों का आतंक बना रहता है। ग्रामीण इस समस्या से पिछले कई वर्षो से जूझ रहे हैं। - बबलू सिंह गुलदार के खतरों को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर सोलर लाइटें लगनी चाहिये। ताकि विद्युत आपूर्ति बाधित होने पर सड़कों पर रोशनी रहे। जिससे किसी भी खतरे से बचा जा सकें। - धर्म सिंह जल निगम द्वारा हर घर जल योजना के तहत पानी की टंकी बनाई जा रही है। उसका निर्माण और सड़कों की मरम्मत जल्द से जल्द होनी चाहिये। जिससे ग्रामीणों को पीने के लिये शुद्ध जल मिल सकें। - लाखन सिंह यहां फागिंग या कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया जाता है। कही- कही नालियों में भरे कीचड़ पानी से मक्खी मच्छर उत्पन्न होते हैं। बीमारी फैलने की आंशका रहती है। - इमरान अंसारी बोले जिम्मेदार ग्राम प्रधान आफताब अंसारी ने कहा कि ग्राम पंचायत में भेदभाव की नीति से काम नहीं कराया जाता है। सफाई कर्मचारियों से अधिक सफाई कराई जाएगी। पानी की टंकी का कार्य पूरा कराने के लिए तीन बार तहसील समाधान दिवस में शिकायते कर चुका हूं। अधिकारी जल्द पूरा करने का अश्वासन दे चुके हैं। - आफताब अहमद, ग्राम प्रधान

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