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गुलदार को पकड़ने को पिंजरे में लगाया जिंदा मुर्गा

वन विभाग की टीम ने मोहंडिया में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे में जिंदा मुर्गा लगाया। जिंदा मुर्गा लगाने के बाद भी वन विभाग की टीम को सफलता नहीं...

गुलदार को पकड़ने को पिंजरे में लगाया जिंदा मुर्गा
Newswrapहिन्दुस्तान टीम,बिजनौरTue, 21 Jan 2020 09:54 PM
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वन विभाग की टीम ने मोहंडिया में गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे में जिंदा मुर्गा लगाया। जिंदा मुर्गा लगाने के बाद भी वन विभाग की टीम को सफलता नहीं मिली। कानुपर से करीब छह लीटर मादा गुलदार का यूरिन मंगा लिया गया है।मोहंडिया में गुलदार घुम रहा है।

कई बार गुलदार टै्रप कैमरे में कैद हो गया है, लेकिन अभी तक गुलदार पकड़ा नहीं गया है। सोमवार की शाम मोहंडिया में गुलदार को पकड़ने के लिए डीएफओ के निर्देश पर पिंजरे में जिंदा मुर्गा लगाया गया ताकि गुलदार को पकड़ा जा सकें। जिंदा मुर्गे के अलावा पिंजरे में बकरा भी बांधा गया है। इसके बावजूद गुलदार नहीं पकड़ा गया।::::::::::पांच जनवरी को भी यहीं गुलदार हुआ था ट्रैपडीएफओ एम सेम्मारन ने बताया कि जो गुलदार पांच जनवरी को मोहंडिया के पास लगाए गए टै्रप कैमरे में कैद हुआ था वहीं गुलदार सोमवार को मोहंडिया में कैद हुआ है। गुलदार अभी मोहंडिया के आसपास ही है। डीएफओ ने बताया कि दोनों दिन ट्रैप हुए गुलदार के पगमार्क भी एक ही मिले हैं। ::::::::कानपुर से मंगाया 6 लीटर मादा गुलदार का यूरिन कानपुर जू से डॉ मोहम्मद नासिर बिजनौर पहुंचे हैं। उन्होंने मोहंडिया के पास डीएफओ के निर्देश पर भ्रमण कर गुलदार के बारे में जानकारी ली। डीएफओ एम सेम्मारन ने बताया कि डॉ मोहम्मद नासिर कानपुर जू से बिजनौर आए हैं। वह अपने साथ 6 लीटर मादा गुलदार का यूरिन लाए हैं। :::::::::मोहंडिया में दो पिंजरों का बदला स्थानमोहंडिया में गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम कोई खामी छोड़ने को तैयार नहीं है। सोमवार की शाम मोहंडिया में वन विभाग की टीम ने दो पिंजरों का स्थान बदला है। दोनों पिंजरों को अलग स्थान पर गुलदार को पकड़ने के लिए रखा गया है।:::::::::मोहंडिया में गुलदार को पकड़ने के लिए बकरे के साथ जिंदा मुर्गा भी रखा गया है। कानपुर से छह लीटर मादा गुलदार का यूरिन मंगाया गया है। मादा गुलदार का यूरिन पिंजरों में डालने के बाद गुलदार पिंजरों के पास आया था और बहुत करीब पहुंचकर पिंजरों को देखा। कानपुर से डॉ मोहम्मद नासिर बिजनौर आए हैं। गुलदार को पकड़ने के लिए रणनीति बनाई जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही हमारी टीम गुलदार को पकड़ लेगी। पांच जनवरी को जो गुलदार टै्रप कैमरे में कैद हुआ वहीं गुलदार सोमवार की रात टै्रप कैमरे में कैद हुआ है। दोनों के पैरों के निशान भी एक ही है। -एम सेम्मारन, डीएफओ, बिजनौर