Hindi NewsUttar-pradesh NewsBijnor NewsIslamabad Village Faces Health and Sanitation Crisis Residents Demand Action
बोले बिजनौर : गंदगी से निजात और अच्छी सड़क चाहते हैं इस्लामाबाद के लोग

बोले बिजनौर : गंदगी से निजात और अच्छी सड़क चाहते हैं इस्लामाबाद के लोग

संक्षेप:

Bijnor News - बढ़ापुर की ग्राम पंचायत इस्लामाबाद में स्वास्थ्य सेवाएं और सफाई की स्थिति खराब है। लोग क्षतिग्रस्त सड़कों, गंदगी से भरी नालियों और बिना चिकित्सक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की शिकायत कर रहे हैं। बारिश के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे बीमारियों का खतरा बना रहता है।

Dec 26, 2025 10:00 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिजनौर
share Share
Follow Us on

बढ़ापुर की ग्राम पंचायत इस्लामाबाद विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है। लोग क्षतिग्रस्त सड़कों से गुजरने को मजबूर है। जगह-जगह नाले-नालियां गंदगी से चोक हैं और गंदगी के अंबार लगे हैं। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत इस्लामाबाद क्षेत्र में वर्षों से फॉगिंग नहीं हुई है, जो नियमित रूप से होनी चाहिए। करीब नौ हजार आबादी वाले ग्राम पंचायत इस्लामाबाद में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बन जाने के बावजूद भी स्वास्थ्य सेवा से महरूम रहना पड़ रहा है। पीएचसी पर समय-समय पर तैनात किए गए चिकित्सक रुकते नहीं और तबादला कराकर निकल जाते हैं। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत में समस्याओं का खात्मा होना चाहिए।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

बढ़ापुर की ग्राम पंचायत इस्लामाबाद में विकास धरातल से कोसों दूर है। यहां की आबादी करीब 9000 से ज्यादा है। मतदाताओं की संख्या करीब 3600 है। ग्राम पंचायत में सड़कें टूटी पड़ी हैं। गांव में स्ट्रीट लाइट ज्यादातर खराब पड़ी हुई हैं। लोगों का कहना है कि पर्याप्त रोशनी के लिए पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगवाई जाए। आज भी ग्राम पंचायत में ज्यादातर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, पानी के लिए इंडिया मार्का हैंडपम्प तो लगे हुए हैं, लेकिन अधिकतर खराब पड़े हुए हैं। नालियां नहीं बनी है, जहां नालियां है, वहां सफाई न होने के कारण चोक पड़ी हैं। नालियों से गंदगी निकलकर सड़क पर गंदा पानी बहता है। बरसात में गांव के आधे हिस्से में पानी भरकर खड़ा हो जाता है। लोगों का कहना है कि सफाई कर्मचारी समय समय पर झाड़ू लगा देता है, लेकिन नाले नालियां गंदगी से अटे पड़े है जिससे गांव में संक्रामक बीमारी फैलने का डर बना हुआ है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है, लेकिन गांव में कभी फागिंग नहीं होती है। लोगों ने ब्लॉक प्रशासन पर विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाया है। ग्राम पंचायत सचिव भी गांव की बदहाली पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। लंबे समय से चिकित्सक की तैनाती नहीं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस्लामाबाद में लंबे समय से किसी भी स्थायी चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सेवाओं का भरपूर लाभ नहीं मिल पा रहा है। मात्र फार्मेसिस्ट द्वारा ही स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस्लामाबाद में कर्मचारियों के लिए आवासीय भवन भी बनाए गए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के कारण भवन उपयोग में नहीं आ रहे हैं। वर्तमान समय में आवासीय भवन जर्जर हालत में है। आवासीय भवन के दरवाजे, खिड़की टूटी हुई है। चिकित्सक तबादला कराकर मनमर्ज़ी जगह तैनाती लेते हैं। गंदगी के ग्राम पंचायत में लगे हैं अंबार लोगों का कहना है कि सड़क किनारे ग्राम पंचायत में जल निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। नाले नालियां कूड़े से अटे पड़े है जिससे क्षेत्र में दुर्गंध फैली रहती है। इस कारण, नालियों में मच्छर पैदा हो रहे हैं और इलाके में बीमारियां आम बात हो गई हैं। पंचायत फॉगिंग तक नहीं कराती है, जिससे डेंगू, मलेरिया जैसे रोग पनपने का खतरा बना रहता है। पंचायत में धार्मिक स्थलों के आस पास तमाम गंदगी फैली है। पैदल गुजरना रहता दूभर लोगों ने कहना है कि बारिश के दिनों में भी यह कूड़ा सड़कों पर बहता है। जिसके कारण राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं प्राथमिक स्कूल के पास भी गंदगी बुरा हाल है। यदि नालियों की सफाई हो जाए तो इससे थोड़ी बहुत राहत मिल सकती है। लेकिन सफाई के नाम पर खाना पूर्ति होती है। नालियों में कूड़ा-करकट भरा पड़ा है। जिसके कारण नालियां चोक हो जाती हैं और आए दिन गंदा पानी सड़कों पर बहता है। सफाई नहीं होने से नालियां चोक हो चुकी हैं, जिसके कारण स्थिति बदतर हो गई है। गंदगी से बीमारी फैलने का डर लोगों का कहना है कि घरों का गंदा पानी खुले में बहता है, जिससे क्षेत्र में दुर्गंध फैली रहती है। इस कारण नालियों में मच्छर पैदा हो रहे हैं और इलाके में बीमारियां आम बात हो गई हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी साफ सफाई को ध्यान नहीं देते हैं। बिजली के तार घरों पर लटके हैं। सर्दी और बरसात में कहां जाएं यात्री यात्री प्रतीक्षालय पूरी तरह क्षतिग्रस्त एवं जर्जर है। यहां पर सैकड़ों छात्र-छात्राएं, महिलाएं, बुजुर्ग ठंड, गर्मी एवं बरसात के मौसम में यात्री प्रतीक्षालय का सहारा लेते है, लेकिन इनके जर्जर व खस्ताहाल होने पर सभी को भरी असुविधा का सामना करना पड़ता है। बरसात हो गर्मी हो या ठंड यात्री प्रतीक्षालय में खड़े ही रहना पड़ता है। इन प्रतीक्षालयों में न बैठने के लिए सही से सीटों की व्यवस्था है न ही फर्श है। सुझाव 1. शुद्ध पेयजल मुहय्या करने के लिए इंडिया मार्का हैंडपंपों को रिबोर कराया जाए। 2. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोई भी चिकित्सक नहीं है एक चिकित्सक की नियुक्ति होनी चाहिए 3. साफ-सफाई व्यवस्था चरमराई हुई है। जगह-जगह नाली कूड़े से लेबरेज हैं। सफाई व्यवस्था दुरूस्त की जाए। 4. स्ट्रीट लाइट गांव में कम संख्या में है, ज्यादातर क्षेत्र में अंधेरा पसरा रहता है। सभी मोहल्लों में स्ट्रीट लाइट लगाई जाएं। 5. बारिश होने पर बहुत से ग्रामीणों खासकर महिलाओं के सामने कूड़ा कचरा डालने की समस्या उत्पन्न होती है। गांव में जगह जगह डस्टबिन लगाए जाएं। शिकायतें 1. शुद्ध पेयजल मुहय्या करने के लिए इंडिया मार्का हैंडपंपों से प्रदूषित जल निकासी हो रही है। 2. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है। ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। 3. स्ट्रीट लाइट अधिकांश जगह पर नहीं लगी है। जिस कारण गांव में अंधेरा पसरा रहता है। 4. गांव में नाले-नालियां कूड़े से अटी पड़ी है, जिनसे दुर्गंध आ रही है। 5. क्षतिग्रस्त एवं जर्जर यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत एवं सौंदर्यकरण कराना चाहिए। हमारी बात सुनो सफाई के नाम पर केवल झाड़ू लगा दी जाती है, लेकिन नाले नालियां गंदगी से अटे पड़े है, सड़कें खराब है। बाकी गांव में अंधेरा पसरा हुआ रहता है। - लोकेंद्र सिंह नाले-नालियां की सफाई पर जोर नहीं दिया गया है। गंदगी से संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा रहता है। जल्द से जल्द नाले नालियां साफ कराई जाएं। - राजीव कुमार यहां के रास्तों की हालत खराब है। बरसात में पानी की निकासी नहीं हो पाती है। सड़कों पर पानी भरा रहता है। पक्के रास्ते भी पूरे गांव के नहीं बने हैं। - रवि कुमार कूड़े से भरे पड़े नाले नालियां सफाई अव्यवस्था को बयां कर रहे हैं। सफाई कर्मचारी केवल झाड़ू लगाकर अपने कार्य की इतिश्री कर लेते है। नाले-नालियां भी साफ होनी चाहिए। - आकाश नालियां ओवरफ्लो रहती हैं। जहां क्षतिग्रस्त नालियों से पानी निकाल कर बाहर आ जाता है, जो सड़क पर रहता है। नालियां टूटी पड़ी हैं। नाले-नालियों का निर्माण होना चाहिए। - देवेंद्र कुमार ग्राम पंचायत इस्लामाबाद के नाम से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है, लेकिन कोई चिकित्सक नहीं तैनात किया है। चिकित्सक तैनात किए जाएं। - रोहित कुमार लोगों के लिए दो-दो यात्री प्रतीक्षालय बनाए गए है, लेकिन दोनों ही क्षतिग्रस्त एवं खस्ताहाल है। दोनों प्रतीक्षालयों की मरम्मत व सौंदर्यकरण हो। - डॉ. योगेश कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक तैनात नहीं है, लोगों का सही इलाज किस तरह हो। चिकित्सकों की तैनाती होनी चाहिए। - नितिन कूड़ा एकत्र करने के लिए डस्टबिन भी नहीं लगे हुए हैं। महिलाओं के सामने घरेलू कूड़े को कहा डाले इसको लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है। गांव में डस्टबिन रखवाए जाए। -कृष्णा देवी यहां पेयजल आपूर्ति के लिए इंडिया मार्का हैंडपंप तो लगे हैं, लेकिन इनका पानी पीने योग्य नहीं है। इनको रिबोर कराया जाए ताकि पीने योग्य पानी उपलब्ध हो। - शिव कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र इस्लामाबाद में चिकित्सक तैनात नहीं है। ग्रामीणों को इलाज के लिए 10 किलोमीटर दूर नगीना जाकर इलाज कराना पड़ता है। पीएचसी में चिकित्सक की नियुक्ति हो। - रिन्टू सिंह