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1 जुलाई, 2020|6:12|IST

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देश के लिए पंद्रह हजार क्या पंद्रह करोड़ भी कुछ नहीं

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लगभग 59 चाइनीज ऐप पर भारत सरकार की रोक के बाद युवाओं ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। लाइकी से लगभग पंद्रह हजार रुपये प्रतिमाह कमाने वाले शेरकोट निवासी लाइकी स्टार रेहान ने साफ कहा है कि देश के लिए वह पंद्रह हजार क्या पंद्रह करोड़ भी कुछ नहीं समझता है।

इसी प्रकार अन्य टिकटॉक और लाइकी आदि यूजरों ने सरकार के फैसले से सहमती जताई है।भारत चाइना के बीच उपजे विवाद के बाद भारतीय सरकार ने चाइना के 59 ऐप बंद कर दिए हैं। इन ऐप का जो युवा इस्तेमाल करते हैं उनमें अधिकांश ने कहा है कि सरकार को भी स्वदेशी ऐप बनाने चाहिए जो उनकी प्रतिभा को दिखाने के लिए एक प्लेटफार्म दे। इसके टिकटॉक और लाइकी की तरह पैसा और नाम भी दे। युवाओं ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि वे इस मामले में देश के साथ हैं। भले ही कितने भी पुराने टिकटॉक, लाइकी या फिर किसी अन्य चाइनीज ऐप से जुड़े हों लेकिन देश के लिए वह इसे छोड़ देगें। शेरकोट निवासी रेहान किंग के लाइकी पर 1.1 मिलियन फैंस हैं। रेहान बताता है कि उसे पिछले डेढ़ साल से पंद्रह हजार रुपये लाइकी से मिल रहे थे। कभी कभी इससे अधिक भी पैसे आए हैं, लेकिन चाइना ने भारतीय जवानों के साथ जो किया है, उसे माफ नहीं किया जा सकता है। चाइनीज ऐप पर पाबंदी सरकार का सराहनीय कदम है। मैं पंद्रह हजार रुपये तो क्या पंद्रह करोड़ की भी कोई कीमत नहीं समझता हूं।कुछ ऐसे ही विचार रंगकर्मी सुबहान भी व्यक्त करते हैं। सुबहान कहते हैं कि देश के प्रधानमंत्री ने चाइना को सही सबक सिखाया है। देश के जवानों के बलिदान की कीमत के आगे कुछ नहीं है। चाइनीज ऐप पर पाबंदी बिल्कुल ठीक है। हालांकि, सुबहान ने कहा है कि देश में जल्द ही कोई ऐसी ऐप लांच की जाए जो इन सभी ऐप का अच्छा विकल्प हो।

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  • Web Title:Is fifteen thousand nothing fifteen million for the country