शब्दों के रंग सबसे पक्के कभी नहीं पड़ते फीके
Bijnor News - मेरी कलम साहित्य सेवा संस्थान द्वारा आनंद निकेतन कॉलोनी में होली मिलन समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि बिंदु सर्राफ ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कविताओं के माध्यम से महिलाओं ने प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया। इस अवसर पर कई कवियों ने होली की बधाई दी और एक-दूसरे को गुलाल लगाया।

मेरी कलम साहित्य सेवा संस्थान के की ओर से आनंद निकेतन कॉलोनी में होली मिलन समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में होली पर महिलाओं ने विचार और कविताओं की छटा बिखेरी। मेरी कलम साहित्य सेवा संस्थान के की ओर से आनंद निकेतन कॉलोनी में होली मिलन समारोह एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि बिंदु सर्राफ, सुरेखा मित्तल व विशिष्ट अतिथि बबिता तायल एवं मंजु जौहरी ने माँ शारदे के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित किया। कविता नामदेव ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। सुरेखा मित्तल ने कहा कि शब्दों के रंग सबसे पक्के होते हैं जो कभी फीके नहीं पड़ते।
आज की यह गोष्ठी आपसी प्रेम और भाईचारे की मिसाल है, जो हमें अपनी संस्कृति से जोड़े रखती है। विशिष्ट अतिथि बबिता तायल ने कहा कि कविताएँ समाज में नई ऊर्जा भरती हैं। रंगों के इस उत्सव में शब्द और छंदों का मेल अत्यंत सुखद और गौरवशाली है। इस अवसर पर डॉ.मंजु जौहरी मधुर, सुनीता गुप्ता, गीता वर्मा, कविता नामदेव, इंदु गुप्ता, प्रियंका श्रीवास्तव आदि ने होली के पावन पर्व की बधाई देते हुए एक दूसरे को गुलाल लगाया।
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