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कई दशक बाद फिर जागी कम्बल कारखाने की किस्मत

कई दशक बाद फिर जागी कम्बल कारखाने की किस्मत

कई दशकों से बंद पड़े कम्बल कारखाने में फिर से मशीनों की आवाज सुनाई देगी। प्रदेश सरकार की ओर से प्रदेश की कई बन्द पड़ी कताई और कंबल फैक्ट्रियों को शुरू करने की कवायद शुरू हो गई है। इसी क्रम में नजीबाबाद के कंबल कारखाने की मरम्मत का काम लगभग पूरा हो गया है। मशीनें भी पहुंच रही हैं।

हालांकि इसके बाद कारखाने का संचालन ठेका प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। कई दशक पहले नजीबाबाद के कम्बल कारखानें का नाम देश भर में जाना जाता था। इस कारखाने में निर्मित कम्बल सेना व पुलिस के जवानों के लिए सप्लाई किए जाते थे। घर-घर में रुई से कताई का काम होता था। तैयार धागों से कम्बल तैयार किए जाते थे। लगभग 30 वर्ष पूर्व कारखाने को बन्द कर दिया। कारखाना बंद होने से सैकड़ों परिवारों की रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया। समय के साथ धीरे-धीरे लोगों ने अपने रोजगार बदल दिए। एक बार फिर कम्बल फैक्ट्री शुरू होने जा रही है, लेकिन इस बार कम्बल फैक्ट्री में तैयार करने वाले कम्बल सरकारी योजनाओं के तहत बांटने के लिए होंगे। कारखाना शुरु करने के लिए मरम्मत आदि का काम खत्म हो चुका है। मुजफ्फरनगर से मशीने भी पहुंचने लगी हैं। तैयार धागों से बनाए जाएंगे कम्बलकम्बल कारखाने में तैयार किए जाने वाले कम्बल के लिए प्रयोग होने वाला धागा घरो में कताई करके नहीं मंगाया जाएगा। कम्बल बनाने के लिए तैयार धागा उपयोग में लाया जाएगा। जो सरकारी उत्पादन केन्द्रों में तैयार किया जाएगा। कारखाने में तैयार कम्बल की क्वालिटी भी पहले के मुकाबले निम्न स्तर की होगी। बताते चलें कि पहले तैयार किए गए कम्बल सेना व पुलिस के जवानो को सप्लाई किए जाते थे। ठेका प्रक्रिया के तहत होगा संचालनकम्बल कारखाने को संचालित करने के लिए ई टैण्डर प्रक्रिया से ठेका दिया जाएगा। खादी ग्रामोद्योग मंत्रालय की ओर से ई टैण्डर आमंत्रित किए जाएगे। ठेकेदार स्वतन्त्र रूप से कम्बल कारखाने में उत्पादन कर सकेगा। कारखाने में काम करने वाले कर्मचारी भी ठेकदार के ही संरक्षण में रहेंगे। कोट....कम्बल कारखाने को शुरु करने की तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। कारखाने की मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग के द्वारा किया जा रहा है, थोड़ा काम बाकी है। हालांकि मुजफ्फरनगर से कुछ मशीने पहुंच चुकी हैंं। कुछ आनी बाकी हैं। कारखाने का संचालन ठेका प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। संभावना है जुलाई अगस्त 2019 तक कारखाना शुरु हो जाएगा.....राम कंवार, प्रबन्धक खादी ग्रामोद्योग, नजीबाबाद

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  • Web Title:Fortune of blanket factory in place after several decades