DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

जंगली जानवरों को आबादी वाले इलाकों में जाने से रोकने की मांग

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सीमावर्ती इलाकों में शनिवार को रात लगतसर तेज बारिश के बावजूद कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सीमा पर स्थित ग्राम मीरापुर तथा उसके आसपास जंगली हाथियों का झुंड खेतों में घुस गया।

हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया तथा किसानों की कई एकड़ गन्ने व धान की फसल रौंदकर बर्बाद कर दी। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से जंगली जानवरों को आबादी वाले इलाकों में जाने से रोकने की मांग की है। बलबीर सिंह, महेन्द्र सिंह, अमरजीत, राजेन्द्र सिंह, रघुवीर सिंह तथा सुच्चा सिंह सहित अनेक ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार की रात को रात मे जंगली हाथियो के झुंड ने खेतों में घुस गए और चिंघाड़कर उत्पात मचाते हुए करीब आठ एकड़ धान तथा गन्ने की खड़ी फसल रौंदकर बर्वाद कर दी। हाथियों की चिंघाड सुनकर दर्जनों ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा हाथियों को भगाने का प्रयास किया, लेकिन लाख प्रयासों के बावजूद हाथी टस से मस नहीं हुए और फसलों को रौंदते रहे। इसके बाद मौके पर पहुंचे अन्य ग्रामीणों ने शोर-शराबा करते हुए मशक्कत करके हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। हाथियो के खेतों से निकलने के बाद किसानों ने राहत की सांस ली। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि वह लोग वन विभाग के अधिकारियो से कई बार शिकायत करने के बावजूद जंगली जानवरों के आबादी वाले इलाकों मे जाने से रोकने तथा क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा दिलाने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कि जा रही है। इसके चलते वन विभाग के अधिकारियों के प्रति ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों से जंगली जानवरों को आबादी वाले इलाकों में आने से रोकने तथा क्षतिग्रस्त फसलों का मुआवजा देने की मांग की है। उधर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के रेंजर मोहम्मद इरफान का कहना है कि वन कर्मियों को भेजकर जंगली जानवरों को रोकने का हर सम्भव प्रयास किया जाएगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Elephants demege eight acres of crops