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21 अप्रैल, 2021|7:13|IST

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बुजुर्गों और खिलाड़ियों को स्पेशल ट्रेनों में नहीं मिल रही रियायत

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कोविड काल के असर से रेल सफर भी अछूता नहीं रहा। जी हां, स्पेशल के नाम पर जो ट्रेन चलाई जा रही हैं, इनमें यात्रा करने की व्यवस्थाएं भी बदली हैं। इनका सिर्फ किराया ही नहीं बढ़ा बल्कि कोटा भी खत्म कर दिया गया है। बुजुर्गों और खिलाड़ियों को भी स्पेशल ट्रेनों में कोई रियायत नहीं मिल रही है।

दिल्ली से कोटद्वार के बीच हाल ही में एक सिद्धबली जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन चलाई गई है। यूं तो इस ट्रेन का समय, गंतव्य और स्टेशनों पर ठहराव गढ़वाल एक्सप्रेस की तरह है, लेकिन यात्रा में बदलाव कर दिए गए है। गौरतलब है कि कोविड के चलते लॉकडाउन हुआ तो सभी ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया गया था। मोज्जमपुर नारायण वाया बिजनौर-गजरौला ट्रैक पर भी सभी ट्रेनें बंद कर दी गई थी। अनलॉक में धीरे धीरे इस ट्रैक पर तीन एक्सप्रेस ट्रेनों को खोला गया है। जिन्हें स्पेशल ट्रेन का नाम देकर चलाया जा रहा है।

इनमें चंढ़ीगढ़ लखनऊ, दिल्ली देहरादून मसूरी एक्सप्रेस और गढ़वाल की जगह सिद्धबली ट्रेन चली। इन तीनों ट्रेनों में ही कोई भी कोटा नहीं मिल रहा है। सिर्फ दिव्यांगों को छूट जरुर मिल रही है। बतातें चलें कि पहले ट्रेनों में बुजुर्गो, खिलाड़ियों को कोटा होता था। जिन्हें किराए में छूट मिलती थी लेकिन, अब यह रियायत बंद चल रही है। बिजनौर मुख्यालय से गुजरने वाली तीनों ही ट्रेनों का यही हाल है। तीनों ही ट्रेनों में सामान्य कोच नहीं है। सभी को आरक्षण कराकर यात्रा करनी पड़ रही है।

एमएसटी भी नहीं हो रही लागू

इन स्पेशल ट्रेनों में तमाम कोटा को ही खत्म नहीं किया गया बल्कि सस्ती यात्रा के भी दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। रोजाना यात्रा करने वाले लोग मासिक टिकट बनवा लेते थे। जिनमें बहुत कम किराया लगता था लेकिन, अब एमएसटी भी नहीं बन रही है। मजबूरन लोग बसों का सहारा ले रहे हैं। इसके अलावा किराया भी कई गुना बढ़ गया है। अब लोगों को सामान्य ट्रेनों के संचालन को लेकर भी संशय पैदा होने लगा है।

- वर्तमान में सामान्य ट्रेनों का संचालन बंद है। केवल स्पेशल ट्रेनों का ही संचालन किया जा रहा है। कोविड के दौर में वरिष्ठ नागरिक समेत सभी कोटा बंद है।

-राकेश कुमार सिंह, सीएमआई रेलवे

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  • Web Title:Elderly and sportspersons are not getting concession in special trains