Dwaria s grueling gourd with tremendous heat - भीषण गर्मी से डायरिया की चपेट में नौनिहाल DA Image
18 नबम्बर, 2019|9:37|IST

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भीषण गर्मी से डायरिया की चपेट में नौनिहाल

भीषण गर्मी से डायरिया की चपेट में नौनिहाल

बरसात की उमस भरी गर्मी में डायरिया ने न सिर्फ नन्हें-मुन्ने बच्चों को गिरफ्त में लेना शुरु कर दिया है, बल्कि सभी नर्सिंग होम-अस्पताल पीड़ित बच्चों से अटने शुरू हो गए हैं। डायरिया के चलते डिहाइड्रेशन के शिकार हुए गंभीर रोगियों को भर्ती भी करना पड़ रहा है।

चिकित्सकों की मानें तो उल्टी-दस्त, खूनी पेचिश के साथ ही तेज बुखार के रोगी भी आ रहे हैं। बुखार के ज्यादातर मामले वायरल के सामने आ रहे हैं।बढ़ती गर्मी ने नन्हें-मुन्नों को तेजी से अपनी गिरफ्त में लेना शुरु कर दिया है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता बाल रोग डा. केके सिंह के अनुसार उन्हें दिखाने आ रहे मरीजों में से करीब 70 प्रतिशत बच्चे डायरिया-डिसेंट्री के शिकार हैं, बाकी वायरल बुखार से पीड़ित आ रहे हैं। उधर जिला मुख्यालय पर विभिन्न नर्सिंग होम-अस्पतालों में आदोपुर निवासी मोहम्मद फिरोज का 5 वर्षीय पुत्र समीर, हल्दौर निवासी विकास का 5 माह का पुत्र आयुष, भनेड़ा निवासी कृष्णकांत की साढ़े चार माह की बेटी एंजल, साहनपुर निवासी अमित की 9 माह की बेटी स्वीटी, मिर्जापुर उर्फ गंजालपुर निवासी योगेन्द्र का 7 वर्षीय पुत्र रचित, जलालपुर काजी निवासी पवन कुमार का एक वर्षीय बेटा रिशू, मंडावर निवासी फैजान का डेढ़ वर्षीय पुत्र शेखू, मोहल्ला चाहशीरी बिजनौर निवासी हरपाल सिंह का 3 वर्षीय पुत्र रवि समेत उल्टी-दस्त होने के कारण समेत 63 से अधिक बच्चे भर्ती हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डा. केके सिंह बताते हैं, कि डायरिया के काफी रोगी आ रहे हैं। गर्मी के मौसम में डायरिया होना सामान्य बात है, लेकिन इसमें असावधानी घातक हो सकती है। बाल रोग विशेषज्ञ डा. एके अग्रवाल के अनुसार डायरिया व वायरल बच्चों में ज्यादा चल रहा है तथा गंभीर रोगियों को भर्ती करना पड़ रहा है। उल्टी-दस्त के अलावा खूनी पेचिश और हीट स्ट्रोक व तेज बुखार के रोगी भी आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ अजय चौधरी के मुताबिक डायरिया के उनके यहां काफी रोगी भर्ती हैं। तेज बुखार के साथ ही पैरों में तेज दर्द की शिकायत आमतौर पर आ रही है। वायरल में मरीज को आराम कराएं व फलों के जूस का सेवन भी कराना लाभकारी होता है। सेकेंडरी इंफेक्शन न हो इसके लिए चिकित्सक की सलाह से दवाई दें। चिकित्सकों की राय में उल्टी-दस्त होने की स्थिति में भी योग्य चिकित्सक की सलाह तत्काल लेनी चाहिए।

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