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फर्जी नाम से किया एक लाख दस हजार का बैनामा, एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज

फर्जी नाम से किया एक लाख दस हजार का बैनामा, एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज

संक्षेप:

Bijnor News - शिवालाकला/नूरपुर में एक असाक्षर विकलांग महिला नईमा खातून ने एक महिला के खिलाफ 1,10,000 रुपये की फर्जी भूमि बिक्री का मामला दर्ज कराया है। नईमा ने आरोप लगाया कि विक्रेता माया उर्फ सोमा ने जालसाजी करके उसकी राशि हड़प ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Dec 02, 2025 12:19 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिजनौर
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शिवालाकला/नूरपुर। क्षेत्र के गांव ढाकी निवासी असाक्षर विकलांग महिला ने एक महिला के विरुद्ध कथित फर्जी दस्तावेज के आधार पर एक भूमि बिक्री के नाम पर एक लाख दस हजार के फर्जीबाड़े की रिपोर्ट एसपी के आदेश ओर लिखाई है। रविवार को क्षेत्र के गांव ढाकी निवासी असाक्षर विकलांग महिला नईमा खातून पत्नी शकील की ओर से एसपी के आदेश पर लिखाई रिपार्ट में कहा है कि उसके गांव के ही स्वर्गीय रोहताश की आराजी उसके पास में ही है। मृतक रोहिताश की पुत्री की शादी गांव अख्तयारपुर भूड जिला अमरोहा में हुई है। उसने कहा कि कथित आराजी बंटवारे में मेरे पिता मुझे दे गये हैं जिसको मैं बेचना चाहती हूँ और यह आपके मौके की है।

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विश्वास करके नईमा को कथित आराजी का बैनामा 1,10,000 रुपये में चार अक्टूबर 2024 को मृतक की पुत्री ने बिलहारी उर्फ माया बनकर बैनामा शिकायतकर्ता नईमा खातून के पक्ष में कर दिया। आरोप है कि जब उसने कथित आराजी के दाखिल खारिज की कार्यवाही की तो पता चला कि विक्रेता का असली नाम माया उर्फ सोमा है। धिकायतकर्ता महिला ने अधिवक्ता के माध्यम से नायब तहसीलदार के कोर्ट में वाद दायर कर दिया। जिसमें विक्रेता बिलहारी उर्फ माया के नाम से पक्षकार बनी है। जबकि शिकायतकर्ता नईमा का कहना है कि विक्रेता बिलहारी उर्फ माया ही नहीं बल्कि सरकारी कागजत में विक्रेता का एक नहीं तीन-तीन नाम दर्ज है। विक्रेता का वोटर लिस्ट के अनुसार पत्नि रविन्द्र, बच्चों के कागजात में माया पत्नी रविन्द्र, परिवार रजिस्ट्रर में माया उर्फ सोमा पत्नी रविन्द्र, राशन कार्ड में सोमा पत्नी रविन्द्र दर्ज है। आरोप है कि विक्रेता धोखाधड़ी से 12 मार्च 2015 के आधार कार्ड में अपना नाम सोमा पत्नी रविन्द्र, दिनांक 01 अगस्त 2018 के आधार कार्ड में माया पत्नी रविन्द्र, 14 जुलाई 2022 को अन्तिम आधार कार्ड में बिलहारी उर्फ माया है। जबकि सत्यता यह है कि मृतक रोहताश सिंह की सबसे बडी पुत्री बिलहारी थी जो कथित आराजी की वास्तविक स्वामी थी जिसकी मृत्यु 2 वर्ष की आयु में सन् 1974 को हो चुकी थी। नईमा का आरोप है विक्रेता ने प्रार्थिनी के साथ जालसाजी व धोखाधड़ी करके उसके एक लाख दस हजार रूपये हड़प लिये है। इस बावत माया उर्फ सोमा से बात की तथा अख्तियारपुर भूड़ में पंचायत की तो भी उसने धनराशि वापस करने से मना कर दिया। बल्कि झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।