बोले बिजनौर : जगह-जगह कूड़े के ढेर बयां कर रहे दीपावाला की दास्तां
Bijnor News - ग्राम पंचायत तैमूरपुर दीपा का मौजा दीपावाला, शहर के निकट होने के बावजूद बदहाली का सामना कर रहा है। यहां टूटी सड़कों, जलभराव और कूड़े के ढेर से लोग परेशान हैं। सफाई कर्मचारी महीने में एक-दो बार ही आते हैं, जिससे गांव में गंदगी फैली रहती है। सरकार की योजनाएं धरातल पर बेअसर हैं।
मोहम्मदपुर देवमल ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत तैमूरपुर दीपा का मौजा दीपावाला शहर से सटा होने के बावजूद अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। एनएच-34 के किनारे होने पर भी यहां के लोग टूटी सड़कों, कूड़े के अंबार और जलभराव से परेशान हैं। यहां पर अधिकांश नालियां क्षतिग्रस्त हैं, जिनमें गंदगी के अंबार लगे हैं। स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई हैं। सफाई कर्मचारी महीने में एक-दो बार ही आते हैं। सरकारी दावों और योजनाओं के बावजूद यहां की स्थिति सुधारने की ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ब्लाक मोहम्मदपुर देवमल की ग्राम पंचायत तैमूरपुर दीपा का मौजा दीपावाला अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

ग्राम पंचायत तैमूरपुर की आबादी करीब 12 हजार और मौजा रहीमपुर की आबादी करीब 1200 है। दीपावाला में करीब 600 मतदाता अपनी ग्राम पंचायत की सरकार चुनने में अपने मत का प्रयोग करते हैं। छोटा मौजा होने के बावजूद दीपावाला की हालत बेहतर नहीं हैं। सड़कें क्षतिग्रस्त हैं। जलनिगम विभाग ने पेयजल की पाइप लाइन डालने के लिए कई माह पूर्व सड़कों को तोड़कर डाल दिया था। पेयजल की लाइन डालने के बाद भी सड़कों को ठीक नहीं किया गया है। दीपावाला में महीने में एक-दो बार ही सफाई कर्मचारी आते हैं। जिससे यहां जगह-जगह कूड़े के अंबार लगे हैं। गांव की अधिकांश नालियां टूटी हुई हैं। सफाई न होने के चलते गांव की नालियां कूड़े और गंदगी अटी पड़ी हैं। गांव में एक भी कूड़ेदान नहीं रखे गए हैं। सड़कों पर गंदा पानी फैल रहा है। दीपावाला में नालियों पर चैनल नहीं लगे हैं, जिससे राहगीरों को दिक्कत होती है। बैठने के मस्जिद के समीप लगाई गई सीमेंटेड बैंच काफी समय से टूटी है। यहां पर वर्षों से फॉगिंग नहीं हुई है। सौंदर्यीकरण के नाम पर कोई कार्य नहीं किया गया है। एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। पाइप लाइन डाली, सड़कें पड़ी हैं अधूरी दीपावाला की सड़कों का हाल यह है कि कहीं गड्ढे हैं तो कहीं कीचड़ से भरे गड्ढे बने हुए हैं। जलनिगम विभाग ने कई माह पहले पेयजल की पाइप लाइन डालने के लिए सड़कों को खोदा था। पाइप लाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत का कार्य आज तक पूरा नहीं हुआ। ग्रामीण हनीफ अहमद, नईम व फरीद अहमद ने बताया कि जब पाइप लाइन डाली जा रही थी तब अधिकारी बोले थे कि सड़कें जल्द बन जाएंगी, लेकिन अब कोई देखने नहीं आता। --- मुख्य मार्ग पर लगे है कूड़े के ढेर, नहीं आते कर्मचारी यहां सफाई कर्मचारी महीने में केवल एक बार आता है, वह भी खानापूर्ति करने। परिणामस्वरूप जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। मुख्य मार्ग पर कूड़े के ढेर लगे है। दीपावाला में में नालियां कूड़े और मिट्टी से अटी पड़ी हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। ग्रामीण शानू, शफीक अहमद, तसलीम अहमद बताते हैं कि सफाई कर्मी महीने में एक दिन आता है, और आधे घंटे में चला जाता है। कूड़ा नालियों में ही पड़ा रहता है। जब बारिश होती है तो यही कूड़ा नालियों से बाहर बहकर सड़क पर आ जाता है। ग्रामीणों को खुद सफाई करनी पड़ती है। अधिकांश नालियों टूटी, हादसे का खतरा ज्यादातर नालियों पर ढक्कन (चैनल) नहीं लगे हैं। खुले नालों में गिरने का डर हमेशा बना रहता है। ग्रामीण मौ. अदनान, मौ. शुऐब, अफ्फान का कहना है कि गांव के मुख्य मार्ग पर स्थित पुलिया में गहरा गडढ़ा है। जिससे हादसे का डर बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान से चैनल लगवाने की गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बैंच तक टूटी, सौन्दर्यकरण में शून्य सरकार और पंचायत द्वारा गांवों के सौंदर्यकरण की योजनाओं की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन दीपावाला में इसका नामोनिशान तक नहीं है। मौजे में कहीं कोई पार्क, पौधारोपण, या सार्वजनिक स्थल नहीं बनाया गया है। काफी पहले दीपावाला में मस्जिद के पास सीमेंटेड बैंच लगाई गई थी, जो पूरी तरह टूट गई, लेकिन उसकी कोई सुध नहीं ली गई। मौजा में नहीं है एक भी स्ट्रीट लाइट दीपावाला में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। रात होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। ग्रामीण टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में रास्ता तय करते हैं। रात के समय रास्ते में अंधेरा और गड्ढे होने के कारण कई बार लोग गिर चुके हैं। मांग के बावजूद मौजा में एक भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाई गई है। सुझाव 1. सफाई कर्मचारी ग्राम पंचायत में रोज आने चाहिए। 2. ग्राम पंचायत में कूड़ा रोज उठना चाहिए। 3. ग्राम पंचायत में फॉगिंग होनी चाहिए। 4. खराब सड़कों की मरम्मत की जाए। 5. पानी की निकासी के उचित प्रबंध होने चाहिए। शिकायतें 1. पानी की निकासी न होना बड़ी समस्या है। 2. यहां रोज सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। 3. ग्राम पंचायत में मच्छरों की समस्या से निजात को फॉगिंग नहीं होती है। 4. दीपावाला में रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट नहीं है। 5. हैंडपंप खराब पड़े हैं और खराब सड़कों की मरम्मत नहीं हुई है। दर्द बयां किया जल निकासी न होने से सड़कों पर बरसात में जलभराव हो जाता है। नालियों के ऊपर से पानी निकलने लगता है। जल निकासी के उचित इंतजाम होने चाहिए। - मुकेश देवी सौंदीर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। रोज सफाई कर्मचारी आकर ग्राम पंचायत में सफाई करें और कूड़ा उठाकर बाहर डाले। - शारदा गंदगी से नालियां अटी हुई हैं। नालियों की सफाई होनी चाहिए। नालियों की सफाई होगी तो दुर्गंध नहीं उठेगी। - मोहम्मद शोएब मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। नियमित रूप से साफ सफाई होनी चाहिए और मुख्य मार्गों से गंदगी हटनी चाहिए। - शिव ग्राम पंचायत में नालियां टूटी हुई है। नालियों की मरम्मत होनी चाहिए। नालियों की मरम्मत होगी तो सड़कों पर पानी नहीं आएगा। - अमन कुमार पेयजल के लिए पाइपलाइन तो डाल दी गई है लेकिन अभी तक पानी नहीं आया है। इस समस्या का समाधान होना चाहिए। - मोहम्मद अदनान ग्राम पंचायत में जल निकासी बड़ी समस्या है। जल निकासी का उचित प्रबंध होना चाहिए। इससे ग्राम पंचायत में जलभराव नहीं होगा। - तस्लीम अहमद सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं। इससे ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था खराब हो रही है। सफाई कर्मचारी रोज के रोज आने चाहिए। - मोहम्मद शफीक न तो सफाई कर्मचारी आते हैं और न ही कूड़ा नियमित रूप से उठता है। ग्राम पंचायत की सड़कों पर कूड़ा रोज उठना चाहिए। इससे ग्राम पंचायत में गंदगी नहीं होगी। - मोहम्मद शानू नालियों की तली झाड़ सफाई नहीं होती है। नालियों में गंदा पानी रुकने से संक्रामक बीमारी का खतरा है। नालियों की सफाई होनी चाहिए ताकि गंदे पानी का ठहराव न हो। - मोहम्मद अफ्फान ग्राम पंचायत में इंडिया मार्का हैंडपंप खराब पड़े हैं। जिनको ठीक कराया जाए ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पानी मिल सके। - मोहम्मद हनीफ रोशनी की व्यवस्था के लिए स्ट्रीट लाइट नहीं है। ग्रामीणों ने एक स्ट्रीट लाइट अपने पैसे से लगाई है। ग्राम पंचायत में अधिक से अधिक स्ट्रीट लाइट लगनी चाहिए। - फरीद अहमद यहां पर फॉगिंग नहीं होती है। फॉगिंग होने से मच्छरों से होने वाली बीमारी से निजात मिलेगी। सप्ताह में एक बार फॉगिंग होनी चाहिए। - नईम अहमद यहां पर दो बैंच डाली गई थीं, जो दोनों टूट गई है। ग्राम पंचायत में ग्रामीणों के बैठने के बैंच डलवाई जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण बैंच पर बैठ सकें। - हनीफा सफाई कर्मचारी रोज आए और कूड़ा नियमित रूप से उठना चाहिए। ग्राम पंचायत में सफाई के लिए डस्टबिन रखे जाने चाहिए। डस्टबिन रखे जाएंगे ताक गंदगी सड़कों पर नहीं होगी। - शमशीदा यहां पर जो भी क्षतिग्रस्त सड़क है उनकी मरम्मत की जानी चाहिए। सड़कों की मरम्मत होगी तो ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। सड़कों की मरम्मत बेहद जरूरी है। - मुनशेदी

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