बंदी शानू की मौत की मजिस्ट्रियल जांच शुरू, 15 दिन में मांगे गए साक्ष्य
बिजनौर जिला कारागार में बंद विचाराधीन कैदी मौहम्मद हसन उर्फ शानू की मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। हसन 22 अप्रैल 2026 को एनडीपीएस एक्ट के मामले में गिरफ्तार हुआ था और 27 अप्रैल को उसकी तबियत बिगड़ गई।

बिजनौर जिला कारागार बिजनौर में बंद विचाराधीन कैदी मौहम्मद हसन उर्फ शानू की उपचार के दौरान मेरठ मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी। इस मामले में जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। डिप्टी कलेक्टर प्रिंस कुमार ने बताया कि अमरोहा निवासी मौहम्मद हसन उर्फ शानू एनडीपीएस एक्ट के मामले में 22 अप्रैल 2026 को जिला कारागार बिजनौर में निरुद्ध किया गया था। 27 अप्रैल को बंदी ने बुखार और कमजोरी की शिकायत की, जिसके बाद उसे जेल चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर 30 अप्रैल को जिला अस्पताल बिजनौर रेफर किया गया। वहां से एक मई को उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज भेजा गया था,जहां उपचार के दौरान 2 मई की रात को चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।राष्ट्रीय
मानवाधिकार आयोग के निर्देशों और बीएनएसएस की धाराओं के तहत मामले की मजिस्ट्रियल जांच डीएम जसजीत कौर ने उप जिलाधिकारी (न्यायिक) बिजनौर प्रिंस कुमार को सौंपी है। प्रशासन ने कहा कि मामले से संबंधित कोई भी व्यक्ति समाचार प्रकाशित होने की तिथि से 15 दिनों के भीतर कलेक्ट्रेट बिजनौर स्थित शिकायत प्रकोष्ठ में अपना बयान या साक्ष्य प्रस्तुत कर सकता है।
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