
हमले के दोषी को तीन वर्ष की सजा
Bijnor News - बढ़ापुर क्षेत्र के पूर्व प्रधान जितेंद्र उफू बब्बू को विकास कार्य की शिकायत करने पर जयप्रकाश और उसकी बेटियों के साथ मारपीट करने का दोषी पाया गया। एससी/एसटी एक्ट कोर्ट ने उसे तीन साल की सजा और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जयप्रकाश की बेटियों ने पिता की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया था।
पूर्व प्रधान के द्वारा विकास कार्य न करने की शिकायत करने पर बढ़ापुर के जयप्रकाश व उसकी पुत्रियों के साथ मारपीट करने के मामले में एससी/एसटी एक्ट कोर्ट के स्पेशल जज अवधेश कुमार ने बढ़ापुर क्षेत्र के जितेंद्र उफू बब्बू को दोषी पाकर तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। विशेष लोक अभियोजन शलभ शर्मा ने बताया कि बढ़ापुर थाना क्षेत्र के खत्रीवाला उर्फ़ हसन अलीपुर धर्मा निवासी जयप्रकाश पुत्र सुक्खे ने रिपोर्ट दर्ज कराई जिसमें बताया कि उसके गांव के पूर्व प्रधान जितेंद्र उर्फ बब्बू एवं उसके भाई अशोक पुत्र दीवान सिंह ने गांव में विकास कार्य ने करने की शिकायत डीएम बिजनौर से की थी।
डीएम कार्यालय से 22 मई 2012 को एक टीम जांच के लिए गांव में गई थी। जांच के दौरान जयप्रकाश को भी मौके पर बुलाया गया। गांव से जांच टीम जाने के बाद आरोपी जितेंद्र उर्फ बब्बू उसके भाई अशोक, गांव के लियाकत और आरिफ ने रंजिश को लेकर उसके साथ गाली गलौच कर उसके साथ धक्का मुक्की की। शोर शराबे पर जयप्रकाश की लड़कियों विनोद देवी और शीतल ने अपने पिता को बचाना चाहा, तो लियाकत और अशोक ने दुपट्टे से उनका गला घुटने की कोशिश की और जितेंद्र ने चाकू से हमला कर जाति सूचक शब्दों से अपमानित किया। गांव वालों के बीच बचाव पर पीड़ित परिवार को बचाया गया। इस घटना में वादी की लड़की शीतल और विनोद के चोटे आई जिनका इलाज नगीना अस्पताल में हुआ। तत्कालीन सीओ जयदेव सिंह तोमर ने मामले की जांच की। मामले के आरोपी अशोक, लियाकत और आरिफ का नाम विवेचना के दौरान निकाल दिया गया। विवेचक ने जितेंद्र उर्फ बब्बू के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी जयप्रकाश उनकी पुत्रियों विनोद और शीतल ने अदालत में बयान दर्ज करायें। बुधवार को कार्रवाई पूरी होने पर अदालत ने जितेंद्र उर्फ बब्बू को दोषी पाकर सजा सुनाई।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




