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31 जुलाई, 2020|8:49|IST

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गोपनियता का उल्लंघन, परेशान कोरोना संक्रमित

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तमाम ग्रुपों पर ऐसा हो रहा है जहां कोविड-19 संक्रमितों के विषय में उनकी पूरी जानकारी डाली जा रही है। इतना ही नहीं एकाध दिन पहले तो एक संक्रमित का नंबर ही ग्रुप पर डाल दिया गया जिसके बाद इस संक्रमित व्यक्ति के पास कईं लोगों की कॉल आने लगी और वह मानसिक रूप से परेशान हो उठा। ये बातें गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने हिन्दुस्तान से कहीं।

कोविड-19 संक्रमण के मरीज मिलने के बाद समाज में कहीं उनके और उनके परिवार के साथ भेदभाव न बढ़ने लगे। लेकिन कईं ऐसे व्हाट्सअप ग्रुप हैं जिन पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की गाइडलाइन्स का पालन नहीं किया जा रहा है। कईं ग्रुपों पर जिले में मिल रहे कोरोना पॉजिटिव मरीजों की पूरी जानकारी डाली जा रही है। इस जानकारी में मरीज के नाम के साथ उसका पूरा पता और यहां तक कि उसका कांटेक्ट नंबर तक शेयर किया जा रहा है।

एक अधिकारी ने बताया कि कुछ दिन पूर्व इस मरीज को कईं लोगों ने फोन कर उसके लक्षण पूछे। कॉल करने वाले तमाम उल जलूल सवाल कर रहे थे। अधिकारी ने बताया कि मरीज ने इस बारे में शिकायत भी की थी। दूसरी ओर एसीएमओ डॉक्टर पीके गुप्ता ने बताया कि किसी भी मरीज की इस रिपोर्ट को बहुत गोपनीय रखे जाने के निर्देश हैं। नाम और पूरे पते देने का तो कोई मतलब ही नहीं बनता है।

कहा कि जानकारी में किसी ऐसे ग्रुप का मामला आया तो ग्रुप एडमिन और ऐसी सूचना साझा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।जिसे देखो ग्रुप बनाया और सूचनाओं के आदान प्रदान में लगाजिले में कईं ग्रुप ऐसे बने हैं जिन्हें न्यूज़ के नाम से संचालित किया जा रहा है और उसमें तमाम प्रकार की भ्रामक जानकारियां दी जा रही हैं।

इतना ही नहीं बिना सत्य की जांच किये इन सूचनाओं को साझा भी किया जा रहा है। कोविड-19 संक्रमितों के नाम और पते आदि भी ऐसे ही ग्रुपों में सर्कुलेट किये जा रहे हैं। समाजसेवी आदर्श चौहान ने ऐसे ग्रुप एडमिन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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  • Web Title:Confidentiality violations troubled corona infected