कोडीन कफ सीरप सप्लाई करने वाली फर्म भी कार्रवाई की जद में
Bijnor News - लखनऊ में कोडीन युक्त कफ सीरप मामले में जांच के बाद दो होलसेल कैमिस्टों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। औषधि निरीक्षक उमेश कुमार भारती ने कहा कि शिवशक्ति बालाजी मेडिकल और एसवी मेडिकल स्टोर के संचालक कानूनी रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाए। गाजियाबाद की कैडीज लाइफ साइंसेज का नाम भी FIR में शामिल किया गया है।

कोडीन युक्त कफ सीरप मामले में लखनऊ मुख्यालय से मिली सूचना और उसके बाद हुई जांच के आधार पर औषधि निरीक्षक की तहरीर पर दो होलसेल कैमिस्टों के विरुद्ध तो पूर्व में रिपोर्ट दर्ज हो ही गई थी। गाजियाबाद की जिस फर्म कैडीज लाइफ साइंसेज से आपूर्ति हुई थी, क्रय बिल उपलब्ध कराने पर उसका नाम भी एफआईआर में शामिल हो गया है। औषधि निरीक्षक उमेश कुमार भारती की तहरीर पर कोतवाली शहर पुलिस ने बिजनौर के शिवशक्ति बालाजी मेडिकल के संचालकों अरुण व शिवांशु तथा एसवी मेडिकल स्टोर के संचालकों अक्ष चौहान व तुषार के विरुद्ध 23 नवंबर 2025 को अभियोग पंजीकृत कर लिया था।
दोनों ही अभियोग बीएनएस की धारा 318(4), 336(3), 338 व 340(2) के तहत पंजीकृत किए गए थे। औषधि निरीक्षक उमेश कुमार भारती के मुताबिक शिवशक्ति बालाजी मेडिकल संचालक क्रय विक्रय संबंधित अभिलेख नोटिस के बावजूद एफआईआर से पूर्व उपलब्ध नहीं करा पाए थे। बाद में उनके द्वारा कैडीज लाइफ साइंसेज, साहिबाबाद, गाजियाबाद से उक्त कफ सीरप खरीदने संबंधी बिल दिए गए, जिसके आधार पर एफआईआर में कैडीज लाइफ साइंसेज का नाम भी बढ़वा दिया गया है। यह था मामला बिजनौर के उक्त दोनों होलसेल मेडिकल स्टोर की जांच के लिए लखनऊ से औषधि निरीक्षक को निर्देश दिए गए थे। इन दोनों पर कुल 34,948 बोतल कोडीनयुक्त कफ सीरप की बिलिंग होना प्रकाश में आया। नशे में दुरुपयोग न हो, इसके लिए इसकी बिक्री का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है जो औषधि निरीक्षक उमेश भारती के मुताबिक संबंधित संचालक उपलब्ध नहीं करा पाए। एक फर्म तो दो साल से कागजों में ही चल रही थी।
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