32 चौकियों और 35 आश्रय स्थलों से चौकसी
बिजनौर में गंगा, मालन और खोह नदियों के प्रवाह की कड़ी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए 32 बाढ़ चौकियां और 35 आश्रय स्थल सक्रिय किए गए हैं। संवेदनशील गांवों की सूची बनाकर प्रशासन ने सचेत ऐप के माध्यम से लोगों को अलर्ट भेजने की प्रक्रिया को तेज किया है।

बिजनौर के जिला आपदा विशेषज्ञ प्रशांत सक्सेना ने बताया कि जिले में गंगा, मालन और खोह नदियों के प्रवाह पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। गंगा नदी नजीबाबाद, बिजनौर और चांदपुर तहसील से होकर गुजरती है, जहां ढाई से तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने पर ही चांदपुर के खादर बेल्ट में प्रभाव पड़ता है। सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जिले में 24 संवेदनशील और 5 अतिसंवेदनशील गांव चिन्हित हैं, जबकि पिछले वर्ष के आधार पर करीब 44 कृषि प्रभावित गांवों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने 32 बाढ़ चौकियां और 35 बाढ़ आश्रय स्थल सक्रिय कर दिए हैं।
तहसील स्तर पर सुरक्षा उपकरण वितरित किए जा चुके हैं तथा ब्लॉकवार मेडिकल व पशु चिकित्सा टीमों द्वारा टीकाकरण किया जा रहा है। जिला कंट्रोल रूम में आईएमडी से सूचना मिलते ही हर दो घंटे में एसडीएम, तहसीलदार, बीडीओ और ग्राम प्रधानों के साथ-साथ आपदा मित्रों को मौसम का अलर्ट भेजा जाता है। सचेत ऐप के माध्यम से लोगों को दो-तीन घंटे पूर्व चेतावनी मिल रही है, जिससे प्रशासन और ग्रामीण दोनों सतर्क हैं।-------------


