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हिंदी न्यूज़ उत्तर प्रदेश बिजनौरआर्मी इंटेलिजेंस ने परवेज व उसके पिता से 40 घंटे तक की थी पूछताछ

आर्मी इंटेलिजेंस ने परवेज व उसके पिता से 40 घंटे तक की थी पूछताछ

हिन्दुस्तान टीम,बिजनौरNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 10:45 PM
आर्मी इंटेलिजेंस ने परवेज व उसके पिता से 40 घंटे तक की थी पूछताछ

बिजनौर के कोतवाली देहात के गांव नूर अली भगवंत उर्फ डेहरी निवासी परवेज सलमानी को बिजबिहाड़ा (जम्मू कश्मीर) क्षेत्र में अवैध हथियार के साथ स्थानीय पुलिस ने पकड़ा है। परवेज का भाई भी करीब दो माह पूर्व जम्मू कश्मीर में पिस्टल के साथ पकड़ा गया था। जिसके चलते सितंबर माह में आर्मी इंटेलिजेंस व एटीएस ने बिजनौर में तीन दिन तक डेरा डालकर परवेज व उसके पिता से करीब 40 घंटों तक पूछताछ की थी, लेकिन पुलिस को कुछ हाथ नहीं लगा था।

बिजनौर के कोतवाली देहात के गांव फरीदपुर मान उर्फ पमडावली निवासी शमीम सलमानी कुछ वर्ष पहले परिवार के साथ गांव नूर अली भगवंत उर्फ डेहरी में आकर बस गये थे। उनके पुत्र जावेद सलमानी व परवेज सलमानी जम्मू कश्मीर में रहकर सैलून चलाते थे। 17 सितंबर 2021 को पुलिस ने जावेद सलमानी को पिस्टल के साथ जम्मू कश्मीर में सैलून से दबोचा था। जिसके चलते सितंबर माह में ही आर्मी इंटेलिजेंस व एटीएस ने कोतवाली देहात के गांव डेहरी में पहुंचकर रात के अंधेर में जावेद के पिता शमीम सलमानी व भाई परवेज सलमानी को उठा लिया था। आर्मी व एटीएस की टीम ने दोनों को थाने में रखकर करीब 40 घंटों तक पूछताछ की थी। लेकिन टीम को कोई सबूत नही मिला था। एटीएस व आर्मी इंटेलिजेंस टीम पिता-पुत्र को प्रधान के सुपुर्दग करके लौट गई है। अब सोमवार को जम्मू कश्मीर के बिजबिहाड़ा क्षेत्र में पुलिस ने परवेज सलमानी को अवैध हथियार के साथ दबोच लिया है। स्थानीय पुलिस मामले में आतंकी एंगल पर भी काम कर रही है। वहीं गांव डेहरी के ग्रामीणों का कहना है कि सोमवार की सुबह से ही परवेज के घर पर ताला लगा हुआ है।

रात के अंधेरे में पिता-पुत्र को उठाया, तो मच गया था हड़कंप

एटीएस व आर्मी इंटेलिजेंस टीम ने रात के अंधेरे में पिता-पुत्र को सोते समय उठाया तो ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। गाड़ियों का शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण जाग उठे। जब ग्रामीणों को पुलिस के आने का पता चला तो गांव में सन्नाटा पसर गया।

पिता-पुत्र की भूमिका का पता लगाने में जुटी रही थी टीम

एटीएम व आर्मी इंटेलिजेंस टीम पिता-पुत्र की भूमिका को संदिग्ध मानकर जांच करने आई थी। टीमें जानने में लगी है कि जावेद से पिस्टल मिलने में दोनों पिता-पुत्र की भूमिका क्या है। क्या पिता-पुत्रों को भी मामले की पहले से जानकारी थी।

शमीम ने भी किया था 15 साल तक जम्मू कश्मीर में काम

जावेद के पिता शमीम ने भी करीब 15 साल तक जम्मू कश्मीर में काम किया था। जावेद के छोटे भाई परवेज का भी लगातार कश्मीर आना-जाना लगा रहता था।

परवेज के पिता शमीम को लेकर कई परिचितों के घर पहुंची थी टीम

एटीएस व आर्मी इंटेलिजेंस की टीम ने शमीम को साथ लेकर कई परिचितों से भी पुछताछ की थी। शमीम को लेकर टीमें अलग-अलग कई स्थानों पर पहुंची। जिससे परिचितों में हड़कंप मच गया। लेकिन पुलिस को कोई भी ठोस सुराग नही मिला था।

आतंकी गतिविधियों से जुड़ चुका है बिजनौर का नाम

-वर्ष 2001 में अवैध हथियारों की तस्करी के मामले में सेंट मैरीज चौराहे पर पुलिस व आतंकियों में हुई थी मुठभेड़।

-वर्ष 2014 में मोहल्ला जाटान में हुआ था बम ब्लास्ट, जिसके बाद सिमी के छह आतंकी मौके से फरार हो गये थे।

-नगीना देहात के रायपुर सादात में एटीएस की टीम ने अवैध हथिरायों के साथ एक व्यक्ति को पकड़ा था।

-नहटौर क्षेत्र में पांच साल पूर्व एटीएस ने फंडिंग के मामले में एक व्यक्ति को पकड़ा था।

-मुंबई बम विस्फोट के मामले में सलीम कुत्ता को नजीबाबाद के कल्हेड़ी से गिरफ्तार किया था।

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