अमानगढ़ रेंज में दिखे जटायु के वंशज, वन अधिकारी उत्साहित

अमानगढ़ रेंज में दिखे जटायु के वंशज, वन अधिकारी उत्साहित

संक्षेप:

Bijnor News - बिजनौर का अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व गिद्धों के लिए एक महत्वपूर्ण निवास बनता जा रहा है। हाल में तीन विलुप्तप्राय गिद्ध प्रजातियाँ हिमालयन ग्रिफ़ॉन, व्हाइट-रम्प्ड वल्चर और सिनेरियस वल्चर देखी गई हैं। शोधकर्ता शिवम चौहान ने इनकी उपस्थिति दर्ज की, जो पर्यावरण के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

Dec 10, 2025 10:28 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, बिजनौर
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जनपद बिजनौर का अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व वन क्षेत्र गिद्धों के लिए एक महत्वपूर्ण और सुरक्षित आवास के रूप में उभर रहा है। हाल ही में क्षेत्र में गिद्धों की तीन विलुप्तप्राय प्रजातियां देखी गई हैं। हिमालयन ग्रिफ़ॉन, व्हाइट-रम्प्ड वल्चर, और भारत का सबसे बड़ा गिद्ध सिनेरियस वल्चर (जटायु का वंशज) दिखने से वन विभाग के अधिकारी उत्साहित हैं। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शोधार्थी शिवम चौहान ने सर्वेक्षण के दौरान इन गिद्ध प्रजातियों की उपस्थिति दर्ज की। उन्होंने बताया कि अमानगढ़ का शांत वातावरण, घने जंगल, बड़े वृक्ष और कम मानव हस्तक्षेप इसे गिद्धों के लिए उपयुक्त आवास बनाते हैं। गौरतलब है कि गिद्धों की अधिकांश प्रजातियां गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी में हैं।

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पशु चिकित्सा दवाओं, भोजन की कमी और आवास क्षरण के कारण भारत में गिद्धों की संख्या पिछले कई दशकों में तेज़ी से घटी है। ऐसे समय में अमानगढ़ में इन दुर्लभ प्रजातियों का दिखना पर्यावरण के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। शोधार्थी शिवम चौहान ने बताया कि विशेष रूप से सिनेरियस वल्चर, जो भारत में पाया जाने वाला सबसे बड़ा गिद्ध है, का दिखना इस क्षेत्र की पारिस्थितिक गुणवत्ता को दर्शाता है। साथ ही, व्हाइट-रम्प्ड वल्चर जैसी बेहद संकटग्रस्त प्रजाति का उपस्थित होना यह बताता है कि अमानगढ़ का जंगल गिद्धों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वन विभाग और शोधकर्ताओं का कहना है कि यदि क्षेत्र में संरक्षण प्रयास और मजबूत किए जाएँ तथा गिद्धों के लिए सुरक्षित भोजन और घोंसले के स्थान सुनिश्चित किए जाए, तो आने वाले समय में इन विलुप्तप्राय प्रजातियों की संख्या में स्थिरता और वृद्धि देखने को मिल सकती है। अमानगढ़ टाइगर रिज़र्व अब न केवल बाघों और गुलदारों के लिए, बल्कि गिद्धों जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण जैवविविधता केंद्र बनकर उभर रहा है। रेंज अधिकारी अमानगढ़ अंकिता किशोर का कहना हैं कि वन क्षेत्र में गिद्धों की मौजूदगी संरक्षण प्रयासों की सफलता और उस क्षेत्र के वन्यजीवों के लिए एक शुभ संकेत हैं। वर्जन... संज्ञान में आया है कि अमानगढ़ रेंज में विलुप्त प्रजातियों के गिद्ध दिखाई दिए हैं। अमानगढ़ रेंज में गिद्धों का दिखाई देना शुभ संकेत है। अमानगढ़ रेंज में गिद्धों का कुनबा बढ़ना अच्छी खबर है। गिद्धों के संरक्षण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। - जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ बिजनौर।