
राहुल गांधी को बड़ी राहत, सिखों पर दिए बयान को लेकर दायर याचिका खारिज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शुक्रवार को बड़ी राहत मिल गई। सिखों को लेकर दिए गए बयान पर वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट में दायर याचिका अदालत ने खारिज कर दी। राहुल गांधी ने अमेरिका की यात्रा के दौरान बयान दिया था। इसे देश में गृह युद्ध छेड़ने वाला बयान बताते हुए याचिका दायर की गई थी।
वाराणसी की एमपी-एमएलए कोर्ट से राहुल गांधी को बड़ी राहत मिल गई है। अमेरिका यात्रा के दौरान सिखों पर दिये बयान मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका खारिज हो गई। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-चतुर्थ/एमपी-एमएलए कोर्ट ने लंबित प्रार्थना पत्र सुनवाई के बाद खारिज कर दी। अदालत में राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव और संदीप यादव ने पक्ष रखा।
प्रकरण के अनुसार बीते वर्ष सितंबर में राहुल गांधी ने अमेरिका में बयान देते हुए कहा था कि भारत में सिखों के लिए माहौल अच्छा नहीं है। बयान को तिलमापुर सारनाथ के नागेश्वर मिश्र ने देश में गृह युद्ध भड़काने की साज़िश करार देते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) की अदालत में वाद दाखिल किया था। इसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) नीरज त्रिपाठी की अदालत ने वाद को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था। इस पर अवर न्यायालय के आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्रा ने दोबारा सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल की थी। बाद में सत्र न्यायालय ने निगरानी अर्जी स्वीकार करते हुए अवर न्यायालय को पुन: सुनवाई का आदेश दिया था।
सुलतानपुर में दायर मामले में गवाह बीमार, सुनवाई टली
सुलतानपुर। रायबरेली के कांग्रेस सांसद व नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर विचाराधीन मानहानि केस में गवाह के बीमार होने के कारण सुनवाई छह नवम्बर के लिए टल गई है।एमपी-एमएलए की विशेष कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने नियत तिथि पर गवाह को पेश होने का आदेश दिया है।
राहुल गांधी के खिलाफ पैरवी कर रहे वकील संतोष पांडेय ने बताया कि गवाह रामचन्द्र दुबे की बीमारी के कारण शुक्रवार को गवाही नहीं हो सकी। वर्ष 2018 में बेंगलुरु में एक जनसभा के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष व मौजूदा केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उस बयान से खुद को आहत बताते हुए कोतवाली देहात थाने के हनुमानगंज निवासी भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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