यूपी में महिला दिवस पर मिलेगी बड़ी सौगात, इन पांच हजार महिलाओं को मिलेगा रोजगार
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पिंक रोजगार महाकुंभ लगाया जाएगा। जिसमें 5 हजार महिलाओं को रोजगार दिलाया जाएगा। 50 से अधिक नामचीन कंपनियां रोजगार का पिटारा खोलेंगी।

यूपी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पिंक रोजगार महाकुंभ लगाया जाएगा। जिसमें 5 हजार महिलाओं को रोजगार दिलाया जाएगा। 50 से अधिक नामचीन कंपनियां रोजगार का पिटारा खोलेंगी। हाईस्कूल से लेकर परास्नातक तक की योग्यता वाली महिलाओं को साक्षात्कार के माध्यम से रोजगार दिलाया जाएगा। उम्र सीमा 18 वर्ष से लेकर 40 वर्ष तक निर्धारित की गई है।
आठ मार्च को राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में सुबह 10 बजे से पिंक रोजगार महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा। सिर्फ महिलाओं को ही इस कार्यक्रम में रोजगार के लिए आमंत्रित किया गया है। हाईस्कूल से लेकर बीटेक, एमबीए व अन्य परास्नातक पाठ्यक्रमों की योग्यता के अनुसार अलग-अलग पैकेज पर नौकरी दिलाई जाएगी।
50 से अधिक कंपनियों खोलेंगी नौकरी का पिटारा
साक्षात्कार के माध्यम से इन महिलाओं को नौकरी दिलाई जाएगी। महिलाओं को अपने साथ सीवी व बॉयोडाटा की कॉपी, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और सभी शैक्षिणिक सर्टिफिकेट की कॉपी साथ लाना होगा। रजिस्ट्रेशन स्लिक का प्रिंट आउट व डिजिटल कॉपी साथ लेकर आना होगा। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर प्लेसमेंट के लिए आ रही देश-विदेश की कंपनियों में फ्लिपकार्ट, जियो, एयरटेल, क्रोमा, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज, मैक्स हेल्थ केयर, केएफसी, अमेजन डिजिटल केंद्र व महिन्द्रा फाइनेंस सहित 50 से अधिक कंपनियां इन महिलाओं को रोजगार देने के लिए आएंगी।
ऐसे कराएं पिंक महाकुंभ में शामिल होने को पंजीकरण
इच्छुक महिलाएं हेल्पलाइन नंबर-155330 व वेबसाइट rojgarsangam.up.gov.in या ncs.gov.in के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकती हैं। पंजीकरण मुफ्त में किया जाएगा। पंजीकृत महिलाओं को कंपनी साक्षात्कार के माध्यम से नौकरी देंगी।
रोजगार मेले में महिलाओं के लिए 33 हजार तक की नौकरी
प्रयागराज में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय की ओर से आठ मार्च को महिला अभ्यर्थियों के लिए खासतौर से रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में विभिन्न क्षेत्रों की 18 कंपनियां महिलाओं-युवतियों का अधिकतम 33 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर चयन करने आ रही है। आई प्रोसेस नाम की कंपनी 18 से 30 आयु की स्नातक व परास्नातक 200 अभ्यर्थियों का 14500 से 33000 प्रतिमाह पर टेली सेल्स ऑफिसर/कस्टमर केयर ऑफिसर पद पर चयन करेगी।
किस योग्यता के लिए कितनी सैलेरी
एटीसी टायर्स 18 से 28 साल की डिप्लोमा, बीएससी, एमएससी, बए, एमए, बीकॉम और एमकॉम पास 200 अभ्यर्थियों को 19500 से 23000 प्रतिमाह पर मशीन ऑपरेटर के पद पर गुजरात में नौकरी देगी। नूमैक्स स्किल मैनेजमेंट व शारदा कंसल्टेंसी ट्रेनी समेत विभिन्न 500-500 पदों पर जबकि टीम लीज मशीन ऑपरेटर और एसोसिएट के 250 पदों पर 18 से 30 साल की 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा और सभी स्नातक को 15 हजार से 22500 रुपये प्रतिमाह पर नौकरी देगी। सेवायोजन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक एवं मेला पटल प्रभारी मारूफ अहमद के अनुसार ये कंपनियां चार हजार से अधिक पदों पर हाईस्कूल, इंटर, स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा, बीटेक, बीसीए, एमसीए आदि उत्तीर्ण 18 से 35 आयु की महिला अभ्यर्थियों को नौकरी देंगी।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


