
बीएचयू में प्रोफेसर ने दी अपने ही एचओडी की सुपारी, हैदराबाद के छात्र संग रची साजिश
बीएचयू में एक प्रोफेसर ने अपने ही विभाग के एचओडी की सुपारी दे दी। हैदराबाद में रहने वाले अपने एक छात्र के साथ मिलकर साजिश रची। एचओडी पर हुए जानलेवा हमले के बाद यूनिवर्सिटी में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने कई टीमें बनाई और मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में तेलुगू विभाग के एचओडी की हत्या के लिए यहीं के एक प्रोफेसर ने सुपारी दी। प्रोफेसर ने बीएचयू के ही दो पूर्व छात्रों के साथ मिलकर एचओडी की हत्या की साजिश रची। गाजीपुर के युवकों को 50 हजार रुपए दिए गए। इसके बाद बीएचयू परिसर में ही एचओडी पर जानलेवा हमला किया गया। हमले के बाद शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश को देखते हुए पुलिस फास्ट हुई और हमलावरों को गिरफ्तार कर मंगलवार को पूरे मामले का खुलासा कर दिया।
हमले के बाद से एचओडी प्रो. चल्ला श्रीरामचंद्र मूर्ति अस्पताल में ही भर्ती हैं। तेलुगू विभाग में पद को लेकर चल रही खींचतान घटना की वजह बनी। प्रोफसर ने एचओडी पर हमले की साजिश अपने शोध छात्र आंध्र प्रदेश के बी. भास्कर के साथ रची। बी, भास्कर को पुलिस टीम ने आंध्र प्रदेश के हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर वाराणसी लाया गया। उससे पूछताछ में हमले के पीछे की पूरी कहानी स्पष्ट हो गई। हालांकि हमले की सुपारी देने वाला प्रोफेसर प्रो. बूदाटी वैंकटेश लू फरार है।
एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी. ने बुधवार को पुलिस लाइन स्थित सभागार में घटना का खुलासा किया। बताया कि बीएचयू के तेलुगू विभाग में दो प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफसर, एक असिस्टेंट प्रोफसर का पद है। एक साल से असिस्टेंट प्रोफेसर का पद रिक्त है। प्रोफेसर इसी पद पर अपने एक छात्र को नियुक्त कराना चाहता था। इसमें एचओडी बाधा बन रहे थे। इसी को लेकर प्रोफेसर ने साजिश रची। प्रोफेसर ने अपने दो छात्रों बी. भास्कर और मोदुकु कासिम बाबू के साथ मिलकर एचओडी पर हमले की साजिश रची।
एक आरोपी को हाफ एनकाउंटर में पकड़ा
बीएचयू के तेलुगू विभागाध्यक्ष प्रो. चल्ला श्रीरामचंद्र मूर्ति पर 28 जुलाई की देर शाम जानलेवा हमले के एक साजिशकर्ता को पुलिस ने मंगलवार रात मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। बाएं पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। उसका पहचान प्रयागराज के सिरसा रामनगर (मेजा) निवासी प्रमोद कुमार उर्फ गणेश पासी के रूप में हुई।
एडीसीपी काशी जोन सरवणन टी. ने बताया कि घटना में शामिल एक आरोपी के डाफी और नुआंव के बीच सत्कार होटल के आसपास मौजूद होने की सूचना पर लंका इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस को देखते आरोपी फायरिंग करते हुए भागने लगा। जवाब में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें एक गोली उसके बाएं पैर में लगी। पकड़े गए आरोपी का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
उसके पास से तमंचा, दो कारतूस, नगदी बरामद हुआ है। मौके पर एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार भी पहुंचे थे। पूछताछ में सामने आया कि हमला करने वाले दो आरोपियों को गाजीपुर से गणेश पासी ने बुलवाया था। गाजीपुर के हमलावर युवकों को पुलिस नहीं पकड़ सकी है।
इसी घटना में लंका पुलिस ने साजिशकर्ता के तौर पर शामिल एक आरोपी गाजीपुर के वेदांत भूषण मिश्रा को छह दिन पहले जेल भेजा था। वेदांत के जेल भेजे जाने के बाद से साजिश रचने वाले प्रोफेसर फरार हैं।
28 जुलाई को एचओडी पर किया गया हमला
बीएचयू में तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. चल्ला श्रीरामचंद्र मूर्ति पर 28 जुलाई की की शाम साढ़े छह बजे बाइक सवार दो युवकों ने जानलेवा हमला किया था। बाइक से घर जा रहे प्रोफेसर पर रॉड से हमला कर दोनों हाथ तोड़ दिए। प्रो. मूर्ति का ट्रॉमा सेंटर में ऑपरेशन कराया गया। कला संकाय स्थित तेलुगु विभाग के अध्यक्ष प्रो. चल्ला श्रीरामचंद्र मूर्ति वरिष्ठ प्रोफेसर हैं। उनकी सेवानिवृत्ति को एक साल से कुछ ज्यादा का समय बचा हुआ है। 28 जुलाई को प्रो. मूर्ति विभाग से बृजएन्क्लेव कॉलोनी स्थित अपने घर के लिए बाइक से रवाना हुए थे।
भोजपुरी अध्ययन केंद्र से बिरला चौराहे की तरफ बढ़ते ही दो युवकों ने अपनी बाइक उनके पीछे लगा दी। वह कुछ समझ पाते इससे पहले ही बाइक पर पीछे बैठे युवक ने रॉड से उनके दाहिने हाथ पर प्रहार कर दिया। प्रो. मूर्ति ने बाइक रोकी तो युवक घूमकर आया और दूसरे हाथ पर भी रॉड से मारा। प्रो. मूर्ति सड़क पर गिर पड़े और मदद के लिए चिल्लाने लगे। चौराहे के आसपास मौजूद कुछ छात्र दौड़े तो बाइक सवार भाग निकले। हमले में प्रो. मूर्ति के दोनों हाथ टूट गए। बाएं हाथ में मल्टिपल फ्रैक्चर है। ट्रॉमा सेंटर में उनका ऑपरेशन कराया गया।
बीएचयू शिक्षकों में दिखा था जबरदस्त आक्रोश
बीएचयू में तेलुगु विभागाध्यक्ष प्रो. चल्ला श्रीरामचंद्र मूर्ति पर जानलेवा हमले के खिलाफ अगले दिन 29 जुलाई को बीएचयू के शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश दिखाई दिया था। तीन सौ से ज्यादा शिक्षक शाम 4 बजे परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर पर एकजुट हुए। इसके बाद पैदल मार्च कर कुलपति आवास होते सिंहद्वार तक गए। बीएचयू के इतिहास में पहली बार शिक्षकों ने सिंहद्वार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया। इसी के बाद पुलिस बैकफुट पर आई और टीमें बनाकर अब पूरी मामले का खुलासा कर दिया है।

लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव हिन्दुस्तान में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर हैं।
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