
ठंड में सूखती है आंख तो तत्काल कराएं इलाज
Bhadoni News - ज्ञानपुर में कड़ाके की ठंड से आंखों में सूखापन और खुजली की समस्या बढ़ गई है। चिकित्सकों का कहना है कि एक माह पुराना आई ड्राप न डालें और बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं। डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग से आंखों में समस्या होने की आशंका है। बच्चों की सेहत का खास ख्याल रखें।
ज्ञानपुर, संवाददाता। कड़ाके की ठंड से आंख में सूखापन आ जता है। आंख सूखने से खुजली, लाली आने के साथ पानी गिरने लगता है। ऐसे में चिकित्सकीय परामर्श लेकर उचित इलाज कराएं। इन दिनों कालीन नगरी सर्द की चपेट में आ गई है। बुधवार को कोहरा तो थोड़ा कम था लेकिन गलन में मानों वृद्धि हो गई थी। सर्द हवा से तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक दर्ज हुआ। ठंड से आंख सूखती है तो तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेकर उचित इलाज कराएं। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के आई सर्जन डा. सुरेंद्र कुमार की माने तो एक माह पुराना आई ड्राप आंख में कदापि न डालें।
बच्चों को शीत से बचाव को पर्याप्त गर्म कपड़ा पहनाएं। बीमारी से बचाव को मां का दूध अमृत होता है। त्वचा बीमारी से बचाव को खानपान का संतुलन बनाए रखना जरूरी है। बच्चे बीमार न हो इसलिए माताएं गर्म पानी से स्नान करें। बताया कि डिजिटल की दुनिया में ज्यादा मोबाइल-कंप्यूटर और लैपटाप के प्रयोग से आंखों में दिक्कत होने लग जा रहा है। घना कोहरा और धूल से आंख में एलर्जी हो सकती है। एलर्जी से रेटिना का दबाव आंख पर ज्यादा होता है। ऐसे में ब्लूकर ग्लासेज का इस्तेमाल करने से रेटिना पर प्रेशर कम पड़ता है। डिजिटल की दुनिया में 30 प्रतिशत आंख मरीज में इजाफा हुआ है। कड़ाके की ठंड में बच्चों की सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतें। सुबह-शाम पर्याप्त गर्म कपड़ा पहनाएं। बच्चे मामूली रूप से बीमार पड़ते हैं तो घरेलू नुख्सा अपनाए। नौनिहालों को बिना परामर्श के कोई दवा न दें। पांच वर्ष तक के बच्चों को शीत से बचाव के लिए खास एहतियात बरतना होता है। गर्म कपड़ा पहनाने के साथ मां को गर्म पानी से स्नान करना चाहि। गर्म दूध ही बच्चों को दें।

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