अंतर्राष्ट्रीय धावक और डिप्टी कमांडेंट मुरलीधर का निधन
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भदोही/गोपीगंज, हिन्दुस्तान टीम। कालीन नगरी के गौरव अंतर्राष्ट्रीय धावक तथा बीएसएफ के सेवानिवृत्त डिप्टी कमांडेंट 66 वर्षीय मुरलीधर बिंद का गुरुवार की भोर में निधन हो गया। जानकारी के बाद पूरे जनपद में सियापा छा गया। उधर, ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे, भदोही विधायक जाहिद बेग, डीएम शैलेष कुमार, एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने आवास पहुंच कर शोक जताया। सांसद डा. विनोद बिंद ने व्यक्तिगत छति करार दिया। गोपीगंज थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव निवासी मुरलीधर बिंद ने दौड़ में कई रिकार्ड बनाए थे। बाल्यकाल से ही उनकी उनकी खेलों के प्रति रुचि थी। सांसद ने उनके निधन को व्यक्तिगत क्षति करार दिया।

डीएम ने कहा कि उनका निधन जिले के लिए अपूरणीय क्षति है। देश की सीमा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। साथही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जनपद का नाम रोशन। सेवानिवृत्ति के बाद भी खेलों के प्रति अत्यंत समर्पित रहे। जिले में खेलों में नई क्रांति लाने तथा ओलंपिक खेलों में अधिकाधिक पदक दिलाने की दिशा में निरंतर सक्रिय रहे। सेना एवं अर्धसैनिक बलों में भर्ती की तैयारी करने वाले युवा उन्हें अपना आदर्श और मार्गदर्शक मानते थे। एसपी ने कहा कि उनका जीवन संघर्ष, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण है। खेल मैदान में उन्हें श्रद्धांजिल दी गई। ओपेन मैराथन में दौड़ में देश को दिलाया था पहला पदक भदोही। पांच फीट लंबे मुरलीधर ने कई कीर्तिमान बनाए थे। विश्व वर्ग पुरुष ओपेन मैराथन में उन्होंने सबसे पहले भारत को पदक दिलया था। डाक्टरों द्वारा 22 वर्ष के पहले दौड़ पर लगाए गए प्रतिबंध की थ्योरी को फेल करते हुए उन्होंने 1977 में 20 वर्ष के कम उम्र में नए रिकार्ड बनाए थे। पांच फीट के सबसे छोटे कद के किसी भी फोर्स में कमांडो क्वालिफाइ करने वाले व्यक्ति थे। 20 गोल्ड, 11 सिल्वर समेत जीते 40 मेडल भदोही। प्रतिभा के धनी मुरलीधर बिंद ने कुल 40 मेडल जीते थे। जिसमें 20 सोना, 11 चांदी एवं नौ कांस्य थे। सीमा सुरक्षा बल में 38 साल आठ माह सेवा दी। 1977 में दिल्ली में 19 साल से नीचे रहकर पांच हजार मीटर, 10 हजार मीटर एवं मैराथन एक साथ दौड़कर तीनों में पदक जीता था। मैराथन दौड़ दो घंटा 18 मिनट में पूरी किया था। 1952 में एशियन गेम दिल्ली में दो घंटा 21 मिनट तीन सेकेंड समेत रिकार्ड तीन मिनट तीन सेकेंड में दौड़ पूरी किए थे। यूथ के थे आईकान, मैदान में देते थे टिप्स भदोही। गांव मदनपुर स्थित मैदान में वह सुबह एवं शाम को पहुंच जाते थे। पुलिस, सेना एवं अन्य परीक्षाओं की तैयारियां करने वाले युवाओं को फ्री में टिप्स दिया करते थे। उक्त मैदान से दर्जनों की तादात में युवा उनसे सीख लेकर आज देश के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्वजनों ने बताया कि इधर कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। गुरुवार की भोर में अंतिम सांस ली।

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