
शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं राजकीय विद्यालय
संक्षेप: Bhadoni News - ज्ञानपुर में राजकीय हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है। 15 सालों से आधे शिक्षकों के सहारे कक्षाएं चल रही हैं, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा नहीं मिल रही। पीएम श्री विभूति नारायण कॉलेज में एक तिहाई पद खाली हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
ज्ञानपुर, संवाददाता। जिले के राजकीय हाईस्कूल एवं इंटर कॉलेजों में शिक्षकों और प्रवक्ताओं की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। करीब 15 साल बाद भी आधे शिक्षकों के सहारे कक्षाएं संचालिल की जा रही है। इससे छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा नहीं मिल पा रही है। तीन से चार शिक्षकों पर आठ से नौ विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी है। पीएम श्री विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज में तो एक तिहाई पद खाली चल रहे हैं। शिक्षकों की कमी के चलते विद्यार्थिओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।करीब डेढ़ दशक पूर्व ग्रामीण अंचलो में आठवीं तक की पढ़ाई के बाद छात्राओं को हाईस्कूल में दाखिले के लिए दूर-दराज के स्कूलों में जाना पड़ता था।

इसे देखते हुए तत्कालीन माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्र ने 33 पूर्व माध्यमिक स्कूलों को उच्चीकृत राजकीय हाईस्कूल का दर्जा दिया गया। भवन-लैब निर्माण संग अन्य संसाधनों को पूरा करने के लिए प्रति स्कूल को 57-57 लाख रुपये भी मिले। उस दौरान सभी स्कूलों में भवन तो बन गए, लेकिन छात्र-छात्राओं की संख्या के अनुपात में शिक्षकों की तैनाती नहीं हो सकी। वर्ष 2009-10 से शिक्षकों की कमी आज 2025-26 में भी पूरी नहीं हो सकी। एक राजकीय स्कूल में प्रधानाचार्य समेत कुल आठ प्रवक्ता एवं शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए, लेकिन किसी स्कूल में तीन तो किसी में चार के भरोसे ही कक्षाएं चल रही हैं। उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान ने बताया कि राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी है। शिक्षकों की तैनाती के लिए शासन को हर साल पत्र लिखा जाता है। वहीं से ही शिक्षकों और प्रवक्ताओं की तैनाती होनी है। पूर्व में नियुक्ति को लेकर पत्र भेजा जा चूका है।

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