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23 अक्तूबर, 2020|4:39|IST

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निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का विरोध प्रदर्शन

निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों का विरोध प्रदर्शन

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले बिजली कर्मियों, अवर अभियंताओं ने बुधवार को विद्युत वितरण प्रखंड प्रथम पर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेश सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की गई। चेताया कि जब तक उनकी मांगों पर विचार नहीं किया जाता, तब तक इसी तरह से विरोध जारी रहेगा।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विभाग के अधिकारी व कर्मी दिन रात एक करके काम कर रहे हैं, जिसके कारण बेहतर आपूर्ति संग बकाया वसूली हो रही है। आलम यह है कि रविवार व अवकाश के दिनों में भी काम किया जाता है। सरकार मानदेय व सुविधाएं बढ़ाने की बजाय निजीकरण पर आमादा है। उक्त कदम से न सिर्फ कर्मचारियों का अहित होगा बल्कि उपभोक्ताओं को भी मुसीबत का सामना करना पड़ेगा। निजीकरण किसी समस्या का समाधान नहीं। खामियों को दूर कर और भी अच्छा काम किया जा सकता है। बेहतर आपूर्ति, उत्पादन, बकाया वसूली में विभाग इन दिनों सूबे में अव्वल चल रहा है।

कहा कि निजीकरण होने से कर्मियों का भारी नुकसान होगा। साथ ही संबंधित व्यक्ति द्वारा कम मानेदय पर लोगों से अधिक काम कराया जाएगा। सरकार नौकरी, सुविधा की बजाय निजीकरण का फैसल ले रही है, जो गलत है। इसका अंतिम दम तक विरोध किया जाएगा। इस मौके पर विनोद यादव, कुंवर ज्योति प्रकाश, प्रमोद चौहान, मनोज कुमार, दीपक पटेल, अभिषेक प्रजापति, सत्य प्रकाश, संजय सिंह, अमित अग्रवाल आदि रहे। तीन बजे से लेकर पांच बजे तक दो घंटे विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि निर्णय वापस लेने तक इसी तरह आंदोलन जारी रहेगा।

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  • Web Title:Power workers protest against privatization