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भदोही

नैक के इतिहास व प्रक्रिया के बारे में दी गई जानकारी

हिन्दुस्तान टीम,भदोहीPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 03:12 AM
नैक के इतिहास व प्रक्रिया के बारे में दी गई जानकारी

भदोही। संवाददाता

शहर के रामरायपुर स्थित डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राजकीय महाविद्यालय में बुधवार को राष्ट्रीय वेबीनार कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की आतंरिक गुणवत्ता, आश्वासन प्रकोष्ठ व नैक की ओर से किया गया। इस दौरान देश के ख्याति प्राप्त विद्वानों ने नैक के इतिहास, प्रक्रिया आदि के बारे में जानकारी दी। साथ ही इससे एक दूसरे को अवगत कराया। कार्यक्रम को महाविद्यालय प्रशासन ने पूरी तरह से सफल बताया।

मुख्य अतिथि डा. धर्माधिकारी एनएस, शिक्षा शास्त्री और यूजीसी और नेट सदस्य पुणे ने कहा कि नैक मूल्यांकन के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों को मूल्यांकित किया जाता है। नई शिक्षा नीति में नैक मूल्यांकन उच्च शिक्षण संस्थानों को ही भविष्य में चलाए रखने के लिए प्रावधान किया गया है। आज की महती आवश्यकता है। इस मूल्यांकन में शिक्षण कार्य, शोध, अवस्थापना, छात्र कल्याण, समाज कल्याण विकास आदि में योगदान को आधार बनाया जाता है। इस दौरान डा. रीता चौहान, आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर, एसएस खन्ना महिला महाविद्यालय प्रयागराज भी मौजूद रहीं। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मुरलीधर राम ने ने अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही महाविद्यालय की उपलब्धियां बताई। कार्यक्रम केसंयोजक डा. अनुराग सिंह ने बताया कि महाविद्यालय नैक मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। यह वेबीनार अच्छे अंक प्राप्त करने में बहुत मदद करेगा।

इस मौके पर डा. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, डा. वर्षा रानी, डा. अनीश कुमार मिश्र, डा. यशवीर सिंह, डा. सत्येंद्र प्रसाद, डा. गौतम गुप्ता, डा. माया यादव, डा. ब्रजेश सिंह, डा. राजकुमार सिंह यादव, डा. भावना सिंह, डा. रुस्तम अली, डा. श्वेता सिंह, बृजेश कुमार, डा. अवधेश कुमार आदि रहे।

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