Bhadoni News: ज्ञानपुर में झमाझम, भदोही में बूदाबांदी कर निकले बदरा
Bhadoni News: ज्ञानपुर में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने गर्मी से राहत प्रदान की है, लेकिन जलभराव के कारण लोगों को परेशानियां भी हो रही हैं। स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया गया था, लेकिन प्रशासन की सूचना में कमी के कारण अभिभावक नाराज हुए। बारिश ने कालीन के कामकाज को भी प्रभावित किया है।

Bhadoni News: ज्ञानपुर, संवाददाता। जिले में करीब एक माह से मानसूनी बादल मेहरबान हैं। इधर एक पखवाड़े से लगातार हो रही बरसात के कारण आम आदमी को गर्मी से राहत मिली है। सोमवार को ज्ञानपुर में जमकर बरसात हुई जबकि भदोही में बूदाबांदी करके बादल निकल गए। नगर में जलभराव के कारण लोगों को दुश्वारियां हुईं। ज्ञानपुर नगर में दोपहर 12:00 बजे से लेकर एक बजे तक एक घंटे जमकर बरसात हुई। इसके कारण ज्ञानपुर-दुर्गागंज तिराहे पर पानी ही पानी नजर आया। इतना ही नहीं, दुकानों में भी पानी घुस गया जिससे दुकानदारों एवं ग्राहकों को दुश्वारियां झेलनी पड़ी। देर शाम को एक बार फिर बादलों ने बूदाबांदी किया। इधर करीब 10 दिनों में दो सौ एमएम बरसात हुई है जिसके चलते तालाब, गड्ढे, खेतों में पानी ही पानी नजर आ रहा है। निचले इलाकों में जलभराव एवं कीचड़ के कारण लोगों को परेशानियां हो रही है। दूसरी ओर किसानों का कहना है कि कम से कम 10 दिनों तक बरसात ना होने पर भी कोई प्रभाव फसलों पर नहीं पड़ेगा。
स्वास्थ्य समस्याएं
उधर, मानसूनी बरसात के कारण लोग तेजी से बुखार, बदन दर्द, आंखों में दर्द समेत अन्य बीमारियों की जद में आ रहे हैं। सरकारी एवं निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। महंगाई के बीच मौसम की मार ने गरीबों को परेशान कर दिया है।
स्कूलों में पहुंचे बच्चे, अभिभावकों ने कोसा
भदोही। बरसात को लेकर जिला प्रशासन ने सोमवार की सुबह स्कूलों को बंद करने का फरमान जारी किया। लेकिन इस बीच, बच्चे एवं गुरुजन पहुंच गए थे। कुछ ही देर बाद बच्चों को वापस लेने गए अभिभावकों ने जिला प्रशासन को जमकर कोसा। उनका कहना था कि सूचना को कम से कम रविवार की देर शाम तक जारी कर देना चाहिए था।
कालीन के आउटडोर काम प्रभावित
भदोही। कई दिनों से लगातार हो रही बरसात के कारण कालीन का मैदानी काम बाधित है। इसके कारण कामगारों, मजदूरों के सामने विकट स्थितियां पैदा हो गई हैं। कालीन मेला सिर पर है और मंदी तथा युद्ध के कारण काम नहीं मिल पा रहा है। जो थोड़ा बहुत काम मिला है, उस पर भी मौसम की मार पड़ी है।


