Bhadoni News: अनुदान पर पांच तालाब खनवाने का काम हुआ शुरू
Bhadoni News: ज्ञानपुर जिले में शासन स्तर से 10 तालाब खनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। 11 आवेदन आए थे, और 10 लाभार्थियों का चयन हो चुका है। पांच तालाबों पर खनन का काम शुरू हो गया है, जिससे कृषकों की आय बढाने और वर्षा जल संचयन में मदद मिलेगी।

Bhadoni News: ज्ञानपुर, संवाददाता। जिले में अनुदान पर पांच तालाब खनवाने का काम शुरू हो गया है। शासन स्तर से दस तालाब खनवाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें 11 आवेदन आए थे और दस लाभार्थियों की चयन प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। इन दिनों पांच तालाबों पर मिट्टी खनवाने का काम चल रहा है। ज्ञानपुर ब्लॉक क्षेत्र के अजयपुर, औराई ब्लॉक क्षेत्र के समधा ताल में दो, भदोही ब्लॉक के कनेहरी में एक और जमुनीपुर अठगवां में दो समेत कुल पांच तालाबों पर खनन काम चल रहा है। वर्षा जल संचयन संग कृषकों की आय बढ़ाने की दिशा में अनुदान पर तालाब खनवाने का लक्ष्य शासन से मिला है。
तालाब खनने का लक्ष्य
जिले में दस तालाब खनने का लक्ष्य शासन से मिला था जिसमें 11 लोगों द्वारा आवेदन हुआ था और दस लाभार्थियों का चयन हो चुका है। वर्षा जल संचयन और सिंचाई संकट को दूर करने में भी तालब खुदवाना कृषकों के लिए काफी लाभदायक होगा। वित्तीय वर्ष वर्ष 2026-27 के लिए जिले को कुल 10 लघु तालाब का लक्ष्य मिला था। भूमि संरक्षण अधिकारी हरिओम मिश्र ने बताया कि योजना के तहत किसानों को तालाब निर्माण पर कुल लागत का 50 प्रतिशत यानी 52,500 रुपये का अनुदान दिया जाएगा। जल संचयन के लिए वैसे तो सरकार तमाम प्रयास कर रही है। तालाबों को अमृत सरोवर के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके अलावांकिसानों को सिंचाई की समस्या दूर करने के लिए भी तालाबों की खुदाई कराई जा रही है। बताया कि तालाब निर्माण की कुल लागत 1.05 लाख रुपये निर्धारित है। इसमें से 52,500 रुपये की सरकारी मदद दो किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी। पहली किस्त 39,375 रुपये तालाब की खुदाई पूरी होने पर और दूसरी किस्त 13,125 रुपये इनलेट-आउटलेट व डिस्प्ले बोर्ड लगने के बाद मिलेगी। दस तालाबों में से आठ सामान्य श्रेणी और दो अनुसूचित जाति के किसानों के लिए आरक्षित हैं। तालाब का आकार 22 मीटर लंबा, 20 मीटर चौड़ा और तीन मीटर गहरा होना अनिवार्य है। तालाब खनवाने के लिए जिले में 11 किसानों का पंजीयन हुआ था जिसमें नौ को स्वीकृति मिल गई है। जबकि एक तालाब खनन के लिए चयनित प्रक्रिया शीघ्र ही की जाएगी। साथ ही, तालाब के साथ सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली (ड्रिप या ्प्रिरंकलर) लगवाना भी जरूरी है, जिस पर 90 प्रतिशत तक अनुदान है。
मत्स्य पालन एवं कृषि
इनसेट
मत्स्य पालन संग मखाना की खेती करें किसान
ज्ञानपुर। भूम संरक्षण अधिकारी हरिओम मिश्र ने बताया कि तालाब खनन होने के बाद किसान उसमें मत्स्य पालन करने के साथ ही मखाना एवं सिंघाड़ा की खेती कर सकते हैं। मछली पालन किसानों को कम लागत में ज्यादा मुनाफा देता है। वहीं, मखाना की खेती भी किसानों के लिए अच्छे आय का श्रोत बन सकता है। वहीं, जिला उद्यान अधिकारी ममता सिंह यादव ने बताया कि मखाना खेती के लिए किसानों को पूर्व में प्रशिक्षित किया जा चुका है। किसान मखाना की खेती कर कम खर्च में अधिक आय बढ़ा सकते हैं। जबकि सिंघाड़ा खेती भी किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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