जिले में संचालित 350 थोक दवा दुकानों की होगी जांच
Bhadoni News - ज्ञानपुर में दवा विक्रेताओं की जांच शुरू हो गई है। एफएसडीए थोक दवा विक्रेताओं के लाइसेंस और गोदामों का सत्यापन करेगा। यह जांच अभियान 15 मई से शुरू होकर 31 मई तक चलेगा। मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री की जांच भी की जाएगी।

ज्ञानपुर, संवाददाता। दवा विक्रेताओं की जांच-पड़ताल विभागीय स्तर से शुरू कर दी गई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) थोक दवा विक्रेताओं के लाइसेंस और गोदामों का सत्यापन करेगा। 15 से शुरू हुआ विशेष जांच अभियान 31 मई तक चलेगा। पंद्रह दिन चेकिंग अभियान के बाद रिपोर्ट संबंधित अधिकारी को प्रेषित की जाएगी। जिले के तीनों तहसील क्षेत्रों में संचालित थोक दवा की दुकानों का जांच कर नामित अधिकारी रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री तो नहीं हो रही है, इसकी भी गहनता से जांच की जाएगी। औषद्यि निरीक्षक कुमार सौमित्र ने बताया कि जिले में मेडिकल की करीब 1500 छोटी और 350 थोक दवा की दुकाने हैं।
नवंबर 2025 में कोडिनयुक्त कफ सिरप कारोबार का मामला सामने आने के बाद प्रदेश स्तर पर इसकी जांच की गई। लाइसेंस लेने के बावजूद उनका संचालन ही नहीं किया गया। कई फर्मों के पंजीकृत पते पर सिर्फ भवन स्वामी ही मिले, जिन्हें दवा के लाइसेंस के बारे में जानकारी ही नहीं थी। कागजी हेरफेर एवं विभाग को अंधेरे में रखा गया। जिसको लेकर अब एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने सभी सहायक आयुक्त और औषधि निरीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वह थोक दवा की दुकानों का सत्यापन करें। इसमें लाइसेंसी फर्म की स्वीकृत चौहद्दी में स्थिति, दवाओं के भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था, प्रतिष्ठान पर उपयुक्त व्यक्ति की उपस्थिति और उनके अनुभव प्रमाण पत्र की पुष्टि की जांच जाए। जांच में यह भी देखा जाएगा कि दवा दुकान के अलावा किसी और स्थान पर गोदाम है तो, उसका अलग से लाइसेंस लिया गया कि नहीं। इसके अलावा, सत्यापन अभियान शुरू होने से पहले थोक दवा विक्रेताओं को लाइसेंस वापस करने का मौका भी दिया जाएगा।
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